अमेरिका और ईरान युद्ध: मिडिल ईस्ट में 17 अमेरिकी ठिकानों को नुकसान, दुबई एयरपोर्ट के पास भी गिरे ड्रोन
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से चल रहा युद्ध अब काफी तेज हो गया है। IRNA न्यूज़ एजेंसी और न्यूयॉर्क टाइम्स की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मिडिल ईस्ट में अब तक कम से कम 17 अमेरिकी सैन्य, राजनयिक और एयर डिफेंस ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। इस जंग का सीधा असर यूएई, क़तर और सऊदी अरब जैसे गल्फ देशों पर देखने को मिल रहा है।
ℹ️: ओमान के पास समंदर में मालवाहक जहाज पर हुआ हमला, आग लगने के बाद 20 क्रू मेंबर्स को बचाया गया।
किन देशों में अमेरिकी ठिकानों को पहुंचा भारी नुकसान?
ईरान की सेना ने अपने ऑपरेशन के तहत अमेरिका के कई अहम बेस को निशाना बनाया है। इस युद्ध के शुरुआती समय में ही अमेरिका को करीब 2 बिलियन डॉलर के सैन्य उपकरणों का नुकसान हुआ है। पेंटागन के अनुसार इस युद्ध में अब तक अमेरिका के 140 सैनिक घायल हुए हैं और 7 की मौत हुई है।
- क़तर: Al Udeid Air Base में करीब 1.1 बिलियन डॉलर का रडार सिस्टम तबाह हो गया है।
- बहरीन: अमेरिकी नेवी के पांचवें बेड़े के मुख्यालय में सैटेलाइट टर्मिनल नष्ट हुए हैं।
- यूएई: Al Ruwais में अमेरिकी THAAD एयर डिफेंस सिस्टम के रडार को नुकसान पहुंचा है।
- कुवैत: Ali Al Salem Air Base और Camp Buehring पर कई बार हमले हुए हैं।
दुबई और गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या है असर?
गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए हालात थोड़े मुश्किल हो रहे हैं। हाल ही में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास दो ईरानी ड्रोन गिरे हैं, जिसमें चार लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा ओमान और यूएई के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर भी हमला हुआ है। ईरान ने सऊदी अरब और दुबई के बैंकों को भी निशाना बनाने की बात कही है।
समुद्री रास्तों पर भी खतरा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के 16 जहाजों को नष्ट किया है। बहरीन की सरकारी तेल कंपनी ने तेल सप्लाई पर रोक लगा दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज का रास्ता रोका तो उस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा।




