UAE सरकार की सख्त चेतावनी, WhatsApp पर फेक AI वीडियो शेयर किया तो होगी 1 साल की जेल और 1 लाख का जुर्माना
UAE में साइबर क्राइम और फेक न्यूज़ को लेकर सरकार ने सख्त चेतावनी जारी की है. आजकल AI तकनीक और डीपफेक का इस्तेमाल करके बड़े नेताओं और हस्तियों के फर्जी वीडियो बनाए जा रहे हैं. इन वीडियो और गलत खबरों को WhatsApp या सोशल मीडिया पर शेयर करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना और जेल की सजा तय की गई है. गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और प्रवासियों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
क्या हैं सजा और जुर्माने के नए नियम?
UAE के साइबर क्राइम कानून के तहत फेक न्यूज़ या गलत जानकारी फैलाने पर सख्त सजा का प्रावधान है. अगर कोई व्यक्ति फर्जी वीडियो या खबर बनाता या शेयर करता है तो उसे कम से कम एक साल की जेल और 100,000 दिरहम का जुर्माना देना होगा. आपातकाल या संकट के समय यह सजा बढ़कर 2 साल की जेल और 200,000 दिरहम हो जाती है. इसके अलावा AI का इस्तेमाल करके सरकारी डॉक्यूमेंट में हेराफेरी करने पर 10 साल तक की जेल और 750,000 दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है.
WhatsApp पर फॉरवर्ड करने वाले भी जाएंगे जेल
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर आप कोई फर्जी खबर या वीडियो केवल आगे फॉरवर्ड करते हैं, तब भी आप पर कानूनी कार्रवाई होगी. भले ही आपने वह वीडियो न बनाया हो, लेकिन WhatsApp या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर उसे शेयर करना बड़ा अपराध माना जाएगा. UAE पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने कहा है कि बिना पुष्टि किए कोई भी जानकारी या एक्सीडेंट की फोटो आगे न भेजें.
आम लोग और प्रवासी कैसे करें बचाव?
- किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले सरकारी वेबसाइट या भरोसेमंद मीडिया जैसे WAM और Khaleej Times से चेक करें.
- वीडियो में अगर होंठ सही से नहीं हिल रहे हैं या चेहरे के हाव-भाव अजीब लग रहे हैं तो वह AI डीपफेक हो सकता है.
- संदिग्ध जानकारी या ठगी का मामला दिखने पर Dubai Police के स्मार्ट ऐप या eCrime प्लेटफॉर्म पर तुरंत शिकायत करें.




