Germany ने ईरान और इराक से हटाए अपने दूतावास, बढ़ते तनाव के बीच वीज़ा सेवाओं पर पड़ेगा असर
जर्मनी ने ईरान और इराक में अपने दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का ऐलान किया है। सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट और जर्मन विदेश मंत्रालय के अनुसार, 10-11 मार्च 2026 को यह कदम उठाया गया। इलाके में बढ़ते सुरक्षा खतरों और तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया गया है। इस कदम से तेहरान और बगदाद में दूतावास की सेवाएं काफी हद तक प्रभावित हुई हैं और कर्मचारियों को वहां से निकाल लिया गया है।
वीज़ा और आम लोगों की सुविधाओं पर क्या असर पड़ेगा?
दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित जगहों पर भेजे जाने के बाद कानूनी और कांसुलर सेवाएं काफी हद तक रोक दी गई हैं। ईरान और इराक के जो लोग जर्मनी का वीज़ा या अन्य जरूरी कागजात लेना चाहते हैं, उन्हें अब लंबी देरी का सामना करना पड़ेगा।
जर्मन विदेश मंत्रालय ने साफ़ किया है कि दूतावास से संपर्क तो किया जा सकता है, लेकिन आमने-सामने की सेवाएं पूरी तरह से सीमित हो गई हैं। इसके साथ ही जर्मनी ने अपने नागरिकों और लाइसेंस प्राप्त एयरलाइंस को ईरान और इराक के एयरस्पेस में उड़ान भरने से बचने की सख्त सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय और अधिकारियों का क्या कहना है?
जर्मन विदेश मंत्री Johann Wadephul ने कहा कि जर्मनी का किसी भी सैन्य अभियान में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर उन पर हमला होता है तो वे अपने लोगों की रक्षा करेंगे। उन्होंने तेहरान से पड़ोसी देशों पर हमले रोकने की बात भी कही।
मंत्रालय के प्रवक्ता Martin Giese ने पुष्टि की है कि खतरों को देखते हुए दूतावास के कर्मचारियों को अस्थायी रूप से निकाला गया है और अधिकारी सुरक्षा हालात की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। इस माहौल का सीधा असर फ्लाइट्स पर भी पड़ा है। Lufthansa जैसी बड़ी एयरलाइंस को यूरोप से एशिया जाने के लिए लंबा रास्ता चुनना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय 40 से 60 मिनट तक बढ़ गया है।




