Iran Attacks Update: दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, खाड़ी देशों ने UN में उठाया कड़ा कदम
सऊदी अरब, जॉर्डन और अन्य खाड़ी देशों (GCC) ने 11 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान के खिलाफ एक कड़ा प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव को बहरीन ने पेश किया है और 85 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। इस प्रस्ताव में ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और दुनिया की शांति के लिए बड़ा खतरा बताया गया है।
प्रस्ताव की मुख्य मांगे और नियम
इस नए ड्राफ्ट प्रस्ताव में खाड़ी देशों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब और अन्य देशों ने कुछ अहम मांगे रखी हैं:
- ईरान और उसके समर्थक गुट खाड़ी देशों और जॉर्डन पर अपने सभी हमले तुरंत और बिना किसी शर्त के रोकें।
- UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत सभी देशों को अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।
- समुद्री रास्तों, खासकर होर्मुज और बाब अल-मंडेब में जहाजों को नुकसान पहुंचाना बंद किया जाए जिससे ग्लोबल ट्रेड प्रभावित हो रहा है।
- नागरिक इलाकों, एयरपोर्ट और एनर्जी प्लांट को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इसे तुरंत रोका जाए।
प्रवासियों और आम लोगों पर असर
इस तनाव का सीधा असर गल्फ में काम करने वाले प्रवासियों और वहां रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ता है। ईरान की तरफ से दुबई, सऊदी अरब और बहरीन के बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले से रोज सफर करने वाले यात्रियों की चिंताएं बढ़ी हैं। अमेरिका और GCC देशों ने साफ किया है कि आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस नए प्रस्ताव का उद्देश्य गल्फ में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि वहां जनजीवन और व्यापार सामान्य रूप से चलता रहे।




