Iran Missile Attack: US के दावों पर ईरान का पलटवार, कहा ‘Iron Dome’ अब मजाक बन गया है
अमेरिका के इस दावे के बाद कि उसने ईरान की मिसाइल क्षमता को नष्ट कर दिया है, ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़ ने कहा है कि शुरुआत में दागी गई भारी मिसाइलों का मकसद दुश्मन के रडार और डिफेंस सिस्टम को अंधा करना था. अब ईरान कम मिसाइलों के साथ किसी भी जगह को अपना निशाना बना सकता है और ‘Iron Dome’ सिस्टम उनके लिए एक मजाक बनकर रह गया है.
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ईरान के नए मिसाइल और उनकी रणनीति क्या है?
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ‘Operation True Promise 4’ के तहत नए हमले किए हैं. ईरान की नई मिसाइल रणनीति के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- हमलों में Qadr, Kheibar Shekan और Emad जैसी मिसाइलों का उपयोग किया गया.
- मैक 15 की गति से चलने वाली Fattah हाइपरसोनिक मिसाइल को तैनात किया गया.
- जॉर्डन और सऊदी अरब में लगे रडार सिस्टम को नाकाम करने का दावा किया गया.
ईरान का कहना है कि उन्होंने अमेरिका के पैट्रियट और थाड (THAAD) सिस्टम की नजर से बचकर सटीक हमले किए हैं.
अमेरिका और ईरान के दावों में क्या अंतर है?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का दावा है कि ईरान की मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता 90 प्रतिशत तक कम हो गई है. लेकिन ईरानी अधिकारी इसे अपनी नई रणनीति बता रहे हैं, जिसमें वह कम मिसाइलों का इस्तेमाल कर सटीक निशाना लगा रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी जहाजों को अब ईरान से इजाजत लेनी होगी. आईआरजीसी के अनुसार, बिना इजाजत के वहां से गुजरने वाले कुछ जहाज पहले ही मुश्किल में पड़ चुके हैं.
आर्थिक और बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी
ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अगर उसके क्षेत्र पर कोई हमला होता है तो वह उसका तुरंत और करारा जवाब देगा. हाल ही में तेहरान के एक बैंक पर हुए हमले के बाद, ईरान की खातम अल-अंबिया कमांड ने अमेरिका और इजरायल के आर्थिक केंद्रों और बैंकों को निशाना बनाने की बात कही है. स्पीकर क़ालीबाफ़ ने स्पष्ट किया है कि अगर अमेरिका उनके घरेलू बुनियादी ढांचे पर हमला करता है, तो वे उसी तरह से पलटवार करेंगे और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे.




