UAE पर हमले में 6 लोगों की मौत और 131 घायल, दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन गिरने से मचा हड़कंप
UAE में ईरानी हमलों के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। सऊदी न्यूज़ 50 और UAE Ministry of Defence की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 131 लोग घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में UAE के नागरिकों के अलावा पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के लोग शामिल हैं। सरकार ने देश को स्टेट ऑफ डिफेंस में रखा है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
दुबई एयरपोर्ट और समुद्र में क्या हुआ?
11 मार्च 2026 को Dubai International Airport (DXB) के पास दो ड्रोन गिरे। इस घटना में चार लोगों को चोटें आई हैं, जिनमें घाना, बांग्लादेश और भारत के नागरिक शामिल हैं। दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया है कि इन सब के बावजूद एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से चल रहा है और लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है।
इसके अलावा, दुबई से लगभग 50 नॉटिकल मील दूर समुद्र में एक मालवाहक जहाज पर भी किसी अज्ञात चीज़ से हमला हुआ है। UKMTO के अनुसार जहाज का क्रू पूरी तरह सुरक्षित है और मामले की जांच चल रही है। समुद्र के रास्ते यात्रा करने वाले या काम करने वाले लोगों के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
हमलों और नुकसान का पूरा आंकड़ा
UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले 24 घंटों में 9 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोन को ट्रैक किया है। इनमें से ज़्यादातर को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। घायल होने वाले 131 लोगों में भारत, इजिप्ट, इथियोपिया और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। खाड़ी में रहने वाले कामगारों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
- बैलिस्टिक मिसाइल: अब तक 262 मिसाइलें डिटेक्ट हुईं, जिनमें से 241 को नष्ट कर दिया गया।
- ड्रोन: कुल 1,475 ड्रोन रडार में आए, 1,385 को हवा में मार गिराया गया।
- क्रूज मिसाइल: 8 मिसाइलों को ट्रैक किया गया और सभी को तबाह कर दिया गया।
- जान माल का नुकसान: 6 लोगों की मौत हुई है और 131 को मामूली से लेकर मध्यम चोटें आई हैं।
UAE सरकार का कड़ा रुख
UAE Ministry of Defence ने स्पष्ट किया है कि देश अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। UAE Ministry of Foreign Affairs ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि देश को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
इसके साथ ही, UN Security Council में एक प्रस्ताव पर वोटिंग होने वाली है जिसमें ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को स्थानीय प्रशासन के सभी नियमों और अलर्ट का पालन करने की सलाह दी जा रही है ताकि वे सुरक्षित रहें।




