सऊदी अरब और यूरोपियन यूनियन के बीच बड़ी बातचीत, मिडिल ईस्ट में शांति के लिए बनी सहमति
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और यूरोपियन यूनियन (EU) की उच्च प्रतिनिधि काजा कलास के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई है. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात और इलाके में शांति बनाए रखने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय संकट को सुलझाने के लिए आपसी सहयोग और तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया.
🚨: सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने की फोन पर बात, खाड़ी देशों की सुरक्षा पर लिया बड़ा फैसला।
फोन कॉल में किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
इस बातचीत का मुख्य फोकस मिडिल ईस्ट में चल रहे मौजूदा तनाव को कम करना और नागरिकों की सुरक्षा तय करना था. सऊदी विदेश मंत्री और EU प्रतिनिधि ने इलाके की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर अपने विचार साझा किए.
- दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय संकट को सुलझाने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा की.
- सऊदी अरब की तरफ से अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के पालन पर खास जोर दिया गया.
- यूरोपियन यूनियन ने हालात को बिगड़ने से रोकने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की.
ईरान पर प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा
इस फोन कॉल के दिन ही यूरोपियन यूनियन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के 19 अधिकारियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. यह कार्रवाई मानवाधिकारों के उल्लंघन और आंतरिक दमन को लेकर की गई है.
हाल ही में कतर और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों में हुए हमलों के बाद सऊदी अरब लगातार कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है. यूरोपियन यूनियन के अधिकारियों ने भी साफ किया है कि वे खाड़ी देशों (GCC) के साथ अपनी साझेदारी को लेकर गंभीर हैं और इलाके में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं.




