Israel Iran War: इस्राइल ने तेहरान पर किया भारी हमला, सऊदी अरब का साफ फरमान- हमारा आसमान इस्तेमाल नहीं होगा
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 11वें दिन इस्राइल ने तेहरान पर एक बड़े हमले की शुरुआत कर दी है। इस्राइली सेना ने तेहरान के बीचोबीच कई अहम सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस संघर्ष का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है जहां सऊदी अरब ने अपने इलाके में आने वाले कई मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है जिसका सीधा असर आम लोगों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर पड़ने वाला है।
तेहरान और अन्य इलाकों में इस्राइली हमले
इस्राइली सेना के अनुसार यह हमला एक बहुत बड़े अभियान का हिस्सा है। इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ कहा है कि यह कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। इस हमले में ईरान के कई ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- तेहरान के Mehrabad International Airport पर हमला हुआ है जहां से धुआं उठता दिखा।
- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के सैन्य ठिकाने और अंडरग्राउंड मिसाइल टेस्टिंग कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया है।
- करज, तबरेज़, किश द्वीप और करमान के फ्यूल डिपो पर भी बड़े हमले की खबर है।
- ईरान में अब तक 1200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और वहां पिछले 240 घंटे से इंटरनेट पूरी तरह बंद है।
- जवाब में ईरान और हिजबुल्लाह ने मिलकर इस्राइल के तेल अवीव और हाइफा जैसे 50 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।
सऊदी अरब का एक्शन और यात्रियों के लिए नया नियम
सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के राष्ट्रपति को फोन पर स्पष्ट कर दिया है कि सऊदी अरब अपनी जमीन या आसमान का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने देगा।
- सऊदी रक्षा मंत्रालय ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तरफ आ रहे 7 से 8 बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन को मार गिराया है।
- सऊदी अरब ने लगातार हो रहे मिसाइल हमलों को देखते हुए बेल्जियम से सैन्य मदद मांगी है।
- सऊदीन्यूज50 के हवाले से प्रवासियों के लिए एक नया नियम लागू हुआ है। अगर कोई यात्री ओपिएट वाली मेडिकल दवाएं लाता है तो उसे अब यात्रा से पहले स्पेशल परमिट और मेडिकल डॉक्यूमेंट देना होगा।
- खाड़ी देशों पर खतरे को देखते हुए UN सिक्योरिटी काउंसिल ने ईरान को गल्फ देशों पर हमले रोकने का आदेश दिया है।
- इस तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है।





