Donald Trump Alert: अमेरिका को पता चला ईरान के स्लीपर सेल का ठिकाना, ट्रम्प ने दिया बड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 12 मार्च 2026 को ईरान के स्लीपर सेल को लेकर एक अहम बयान जारी किया है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी एजेंसियां ईरानी स्लीपर सेल पर पूरी तरह से नजर रख रही हैं और उन्हें उनकी सटीक लोकेशन की जानकारी है। इसके साथ ही अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कुछ खास एनक्रिप्टेड रेडियो सिग्नल भी इंटरसेप्ट किए हैं जिन्हें इन स्लीपर सेल को एक्टिवेट करने का कोड माना जा रहा है।
क्या है स्लीपर सेल और रेडियो सिग्नल का मामला
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को हाल ही में कुछ शॉर्टवेव रेडियो ट्रांसमिशन मिले हैं जिन्हें नंबर स्टेशन कहा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ये सिग्नल ईरान से भेजे जा रहे हैं ताकि दुनिया भर में फैले उनके स्लीपर सेल को हमले के लिए तैयार किया जा सके। ट्रम्प ने बताया कि ये सेल मुख्य रूप से ओपन बॉर्डर वाले समय में अमेरिका में घुसे थे और अब एजेंसियां इनकी हर हरकत को मॉनिटर कर रही हैं।
- FBI और DHS ने स्थानीय पुलिस को संदिग्ध रेडियो फ्रीक्वेंसी पर नजर रखने का निर्देश दिया है।
- धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर कड़ी सुरक्षा और विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
- ऑस्टिन (टेक्सास) और टोरंटो (कनाडा) में हाल ही में हुई घटनाओं को इसी खतरे से जोड़कर देखा जा रहा है।
- फंडिंग की कमी के कारण DHS का काम थोड़ा प्रभावित हुआ है जिसका आरोप ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर लगाया है।
मिडिल ईस्ट और मिलिट्री ऑपरेशन का ताज़ा अपडेट
मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए भी वाइट हाउस ने एक अलर्ट जारी किया है। वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है क्योंकि अकेले हमला करने वालों (लोन वुल्फ) का खतरा अभी मीडियम से हाई लेवल पर बना हुआ है। इसका असर वहां काम करने वाले प्रवासियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
दूसरी तरफ ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल का साझा मिलिट्री अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी आज 13वें दिन भी जारी है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार यह अभियान ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल सिस्टम को खत्म करने तक चलेगा। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक इस मिलिट्री ऑपरेशन में अब तक 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और 7 की जान जा चुकी है।





