मक्का में लहराया सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज, 80 मीटर ऊंचे पोल पर दी गई सलामी
सऊदी अरब ने 12 मार्च 2026 को ‘सऊदी ध्वज दिवस’ (Flag Day) के मौके पर मक्का में एक नया इतिहास रचा है। पवित्र शहर मक्का की नगर पालिका (Holy Makkah Municipality) ने शहर के सबसे ऊंचे पोल पर देश का झंडा फहराया। यह नया फ्लैगपोल 80 मीटर से भी ज्यादा ऊंचा है और इसे शहर के एक प्रमुख रास्ते पर लगाया गया है। इस खास दिन को मनाने के लिए ‘मक्का यार्ड’ इलाके में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें देश की संस्कृति और इतिहास को दिखाया गया।
मक्का में कहां लगा है यह ऊंचा झंडा और क्या है इसकी खासियत?
यह विशाल झंडा मक्का के मुख्य प्रवेश द्वार के पास Prince Mohammed bin Salman Road (Al-Shumaisi) पर लगाया गया है। इसकी ऊंचाई 80 मीटर से अधिक है, जो इसे इस क्षेत्र का सबसे ऊंचा फ्लैगपोल बनाती है। इस प्रोजेक्ट का मकसद मक्का की खूबसूरती बढ़ाना और राष्ट्रीय गर्व को सबके सामने लाना है।
- लोकेशन: प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान रोड (अल-शुमैसी)
- ऊंचाई: 80 मीटर से ज्यादा
- आयोजन: मक्का यार्ड में ‘एक झंडा, एक राष्ट्र का इतिहास’ कार्यक्रम हुआ
- उद्देश्य: मक्का आने वाले यात्रियों और नागरिकों के लिए एक नई पहचान बनाना
सऊदी झंडे से जुड़े जरूरी नियम और इसके मायने
सऊदी अरब के झंडे को लेकर कुछ कड़े नियम और प्रोटोकॉल हैं जिन्हें हर नागरिक और प्रवासी के लिए जानना जरूरी है। इस झंडे पर ‘तौहीद का संदेश’ (शाहदा) और तलवार बनी होती है, जिसकी वजह से इसे कभी भी आधा नहीं झुकाया जाता है। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस झंडे का सम्मान सर्वोपरि है।
| झंडे का हिस्सा | उसका मतलब |
|---|---|
| हरा बैकग्राउंड | इस्लाम का प्रतीक |
| तलवार | शक्ति, न्याय और समझदारी |
| शाहदा (कलमा) | तौहीद का संदेश (एक ईश्वर में विश्वास) |
नगर पालिका के अधिकारियों ने बताया कि इस झंडे को फहराने का मकसद राष्ट्रीय ध्वज की प्रतिष्ठा को और ऊंचा करना है। मक्का यार्ड में हुए कार्यक्रमों में झंडे के ऐतिहासिक विकास पर भी चर्चा की गई, जिससे युवाओं और बच्चों को अपनी पहचान के बारे में सीखने का मौका मिला।





