Gulf Maritime Incidents: खाड़ी में विदेशी जहाज़ों पर हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत, 1 लापता, सरकार ने जारी किया नया अलर्ट
खाड़ी क्षेत्र (Gulf region) में काम करने वाले भारतीय नाविकों को लेकर एक दुखद खबर सामने आई है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव ने जानकारी दी है कि विदेशी झंडे वाले जहाज़ों पर हुए समुद्री हादसों में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है और 1 लापता है। हाल के दिनों में खाड़ी में तनाव बढ़ने के कारण विदेशी जहाज़ों पर हमले हुए हैं, जिसमें 78 भारतीय नाविक फंसे थे। इनमें से 70 सुरक्षित हैं और 4 घायल अवस्था में हैं।
क्या है पूरा मामला और किस जहाज़ पर हुआ हमला
11 मार्च 2026 को इराक के बसरा के पास ‘MT Safesea Vishnu’ नामक जहाज़ पर एक रिमोट-कंट्रोल स्पीडबोट से हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई। यह जहाज़ मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चल रहा था और अमेरिकी कंपनी का था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पश्चिम एशिया में रहने वाले 1 करोड़ से अधिक भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सभी घायल नाविकों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
भारतीय झंडे वाले जहाज़ों और नाविकों की क्या है स्थिति
भारतीय शिपिंग मंत्रालय के अनुसार भारतीय झंडे वाले सभी 28 जहाज़ और उन पर मौजूद नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार ने एक कंट्रोल रूम बनाया है जो 24 घंटे काम कर रहा है। कैप्टन पीसी मीणा की अध्यक्षता में एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी बनाई गई है जो फंसे हुए लोगों को निकालने और मेडिकल मदद का काम करेगी। वर्तमान स्थिति का विवरण इस प्रकार है:
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| भारतीय झंडे वाले कुल जहाज़ | 28 |
| कुल भारतीय नाविक (इन जहाज़ों पर) | 778 |
| हार्मूज जलडमरूमध्य के पश्चिम में | 24 जहाज़ (677 नाविक) |
| हार्मूज जलडमरूमध्य के पूर्व में | 4 जहाज़ (101 नाविक) |
नाविकों की सुरक्षा के लिए जारी हुए नए नियम
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने नाविकों की सुरक्षा के लिए एक नया सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत खतरे वाले इलाकों में जाने वाले जहाज़ों को अतिरिक्त सुरक्षा बरतने को कहा गया है। सभी जहाज़ों को 24 घंटे इमरजेंसी संपर्क चालू रखना होगा और क्रू मेंबर की पूरी जानकारी देनी होगी। मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने साफ किया है कि देश के बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है और व्यापार में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी।





