PM Modi on Iran Conflict: पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात, भारतीयों की सुरक्षा और तेल सप्लाई पर जताई चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते विवाद के बीच गुरुवार 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की है। पीएम मोदी ने इस क्षेत्र में बिगड़ते हालात और आम नागरिकों की जान जाने पर गहरी चिंता जताई है। भारत की तरफ से यह साफ किया गया है कि वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और तेल व अन्य सामानों की बिना रुकावट सप्लाई सबसे अहम है।
क्या है भारतीयों के लिए नई Travel Advisory?
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच विवाद बढ़ने के कारण विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए कई नियम और सलाह जारी किए हैं।
- भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अभी ईरान की गैर-जरूरी यात्रा न करें।
- जो भारतीय छात्र और तीर्थयात्री वहां मौजूद हैं, उन्हें सुरक्षित जगहों या आर्मेनिया जैसे पड़ोसी देशों के रास्ते भारत वापस लाने में मदद की जा रही है।
- Directorate General of Shipping ने भारतीय नाविकों को किनारे पर न जाने की सलाह दी है।
- रिक्रूटमेंट कंपनियों को निर्देश मिला है कि वे कामगारों को इस विवादित क्षेत्र में नौकरी के लिए न भेजें।
Strait of Hormuz बंद होने से पेट्रोल और LPG पर क्या असर पड़ेगा?
ईरान के सुप्रीम लीडर के आदेश पर प्रमुख समुद्री रास्ते Strait of Hormuz को बंद रखा गया है। इसके बाद ऐसी खबरे आ रही थीं कि भारतीय जहाजों को वहां से निकलने की विशेष अनुमति मिली है, लेकिन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे गलत बताया है। इस समुद्री रुकावट के बीच भी 11 मार्च को सऊदी अरब से एक तेल टैंकर मुंबई पहुंच गया।
पीएम मोदी ने दिल्ली में NXT Summit के दौरान देशवासियों से अपील की है कि वे LPG या पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर पैनिक न करें। भारत ने अपनी जरूरत का 70 प्रतिशत कच्चा तेल उन रास्तों से सुरक्षित कर लिया है जो Strait of Hormuz से होकर नहीं आते हैं। सरकार ने साफ किया है कि देश में फ्यूल की कालाबाजारी रोकने के लिए भी नियम सख्त किए जा रहे हैं।
शांति बहाल करने के लिए भारत के क्या कदम हैं?
पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत में दोनों पक्षों से शांति और कूटनीति के जरिए इस संकट का हल निकालने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी पिछले कुछ दिनों में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से तीन बार बात कर चुके हैं। 12 मार्च को इजरायली सेना ने तेहरान में कुछ ठिकानों पर हमला किया है, जिससे इस क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।




