UAE और सीरिया के राष्ट्रपतियों के बीच हुई अहम बातचीत, हमले की निंदा कर कूटनीति पर दिया जोर
UAE के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के बीच 12 मार्च 2026 को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर गंभीर चर्चा की. इस दौरान आपसी बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मामलों को सुलझाने पर मुख्य रूप से ध्यान दिया गया.
सीरिया ने किया UAE का पूरा समर्थन
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने बातचीत के दौरान UAE के प्रति अपनी पूरी एकजुटता और समर्थन जताया. उन्होंने उन ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की जो हाल ही में UAE के क्षेत्रों और अन्य पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर किए गए हैं. सीरियाई राष्ट्रपति ने विशेष रूप से इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र (Erbil) में स्थित UAE Consulate General पर हुए आतंकी हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों का बड़ा उल्लंघन बताया.
उन्होंने कहा कि राजनयिक मिशनों पर हमला एक खतरनाक कदम है जिससे पूरे क्षेत्र में काम करने वाले राजनयिक अधिकारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. सीरिया ने यह साफ किया कि वह अरब देशों की संप्रभुता के किसी भी उल्लंघन या उनकी सुरक्षा के लिए पैदा होने वाले खतरों को स्वीकार नहीं करेगा. अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत राजनयिक मिशनों की सुरक्षा हर हाल में तय होनी चाहिए.
शांति और सुरक्षा के लिए कूटनीति पर जोर
इस उच्च स्तरीय बातचीत में दोनों देशों के प्रमुखों ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आपसी बातचीत ही सबसे सही रास्ता है. UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सीरिया के समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि UAE हमेशा से क्षेत्र में शांति बनाए रखने और बातचीत को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.
यह चर्चा मिडिल ईस्ट में रहने वाले आम निवासियों और प्रवासियों के लिए काफी मायने रखती है. दोनों देशों की इस पहल से यह संदेश मिलता है कि क्षेत्र में अस्थिरता को रोकने और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के लिए साझा कदम उठाए जा रहे हैं. कूटनीतिक रास्तों का यह चुनाव भविष्य में क्षेत्र के विकास और आम नागरिकों की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा.




