US Iran Tension: सऊदी अरब पर गिरे ईरान के ड्रोन, तनाव के बीच Air India ने भारतीयों के लिए शुरू की स्पेशल फ्लाइट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 मार्च 2026 को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान अब अपने किए की कीमत चुका रहा है. अमेरिका के Operation Epic Fury के तहत दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. ईरान ने सऊदी अरब के शयबा (Shaybah) तेल क्षेत्र और रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं. इस खराब हालात को देखते हुए Air India ने गल्फ में रहने वाले भारतीयों के लिए स्पेशल फ्लाइट शुरू करने का फैसला लिया है.
सऊदी अरब पर ईरान के हमले में क्या हुआ
हाल ही में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया है. अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचों और रियाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास पर हमला बोला है.
सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते ईरान के कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस जंग को जारी रखने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी दी है. सऊदी अरब की सरकार ने ईरान के इन हमलों की निंदा की है और इसे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बताया है.
प्रवासियों और उड़ानों पर इसका क्या असर पड़ेगा
गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए Air India और अन्य कई एयरलाइंस ने विशेष विमान उड़ाने का ऐलान किया है. इन स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए आम नागरिकों को सुरक्षित निकाला जाएगा और सुरक्षा कारणों से कई विमानों के रूट भी बदले गए हैं.
युद्ध के कारण बाजार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. लेकिन अमेरिका के व्हाइट हाउस ने ग्लोबल मार्केट को स्थिर करने के लिए इमरजेंसी तेल भंडार (SPR) खोलने का आदेश दिया है. ट्रंप के बयान और इस फैसले के बाद अब तेल की कीमत 90 डॉलर के करीब आ गई है.
अमेरिका के Operation Epic Fury का क्या है मकसद
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उनके इस सैन्य अभियान के लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इसके चार मुख्य कारण बताए हैं.
- ईरान के मिसाइल और ड्रोन की ताकत को पूरी तरह खत्म करना.
- ईरानी नौसेना की शक्ति को नष्ट करना.
- ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार बनाने से रोकना.
- बाहरी आतंकी गुटों को मिलने वाली फंडिंग और मदद को काटना.




