Kuwait Update: कुवैत के प्रधानमंत्री ने 90 आपातकालीन शेल्टरों का किया मुआयना, रीजनल टेंशन के बीच सुरक्षा पर बड़ा फैसला
कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा ने रीजनल टेंशन के बीच शिक्षा मंत्रालय (MOE) के हेडक्वार्टर का दौरा किया. इस दौरान उनके साथ शिक्षा मंत्री सैयद जलाल अल-तब्तबाई भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बनाए गए 90 शेल्टरों की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ अहम बैठक की. इस कदम का मकसद किसी भी हालात में आम नागरिकों, प्रवासियों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
आपात स्थिति के लिए कुवैत में क्या तैयारियां की गई हैं?
हाल ही में 12 मार्च को ड्रोन खतरे को नाकाम किए जाने के बाद देश में सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा गया है. कुवैत में रह रहे नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं.
- शिक्षा मंत्रालय ने आपातकालीन स्थिति के लिए 90 विशेष शेल्टर पूरी तरह तैयार किए हैं.
- इन शेल्टरों में सुरक्षा के सभी इंतजाम और लॉजिस्टिक सर्विस की व्यवस्था की गई है.
- सभी एजुकेशनल जिलों में रैपिड इंटरवेंशन टीम (Rapid Intervention Teams) तैनात की गई है जो तुरंत रिस्पांस देने का काम करेगी.
- नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस प्लान को भी एक्टिवेट कर दिया गया है.
स्कूली पढ़ाई और 12वीं की परीक्षाओं पर क्या असर होगा?
रीजनल टेंशन के बावजूद कुवैत सरकार ने साफ किया है कि स्कूलों में पढ़ाई का काम बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा. शिक्षा मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि 12वीं कक्षा (Grade 12) के छात्रों की फाइनल परीक्षाएं अपने तय समय पर ही होंगी. प्रधानमंत्री ने शिक्षा विभाग के स्टाफ की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे हर कदम का पूरा समर्थन करती है. भविष्य में एजुकेशन सिस्टम को स्टेबल रखने के लिए नई डिजिटल टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
पानी और बिजली जैसी जरूरी सेवाओं का भी हुआ निरीक्षण
13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री ने बिजली, पानी और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय (MEW) का भी अलग से दौरा किया. इसका मुख्य कारण देश में पावर और वाटर सर्विस की एफिशिएंसी को चेक करना था ताकि आपात स्थिति में इन बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए. सरकार अलग-अलग मंत्रालयों के साथ मिलकर काम कर रही है जिससे इमरजेंसी के दौरान कुवैत में रहने वाले नागरिकों और बाहर से काम करने आए लोगों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े.




