Saudi Logistics Update: सऊदी अरब सरकार का बड़ा फैसला, जेद्दाह पोर्ट से खाड़ी देशों के लिए नया कॉरिडोर शुरू
सऊदी अरब के परिवहन मंत्रालय और सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक बड़ा कदम उठाया है। 12 मार्च 2026 को परिवहन मंत्री सालेह अल-जस्सर ने जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट का दौरा किया और वहां से ‘लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर इनिशिएटिव’ की शुरुआत की। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य सऊदी के पूर्वी क्षेत्र और अन्य खाड़ी देशों (GCC) तक सामान की सप्लाई को सुरक्षित और तेज करना है। अब जेद्दाह पोर्ट और लाल सागर के अन्य बंदरगाहों को एक बड़े लॉजिस्टिक्स ब्रिज की तरह इस्तेमाल किया जाएगा।
कस्टम और ट्रांसपोर्टेशन के नए नियम
इस नई पहल के तहत अब कंटेनर और कार्गो की आवाजाही के लिए सिंगल कस्टम डिक्लेरेशन लागू किया गया है। इससे बॉर्डर पर होने वाली कागजी कार्रवाई काफी कम हो जाएगी और समय की बचत होगी। जकात, टैक्स और कस्टम अथॉरिटी (ZATCA) ने सभी कस्टम पोर्ट्स पर ट्रांजिट सर्विस एक्टिवेट कर दी है। इसके जरिए सड़क और रेल नेटवर्क का उपयोग करके सामान को आसानी से यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान जैसे देशों में भेजा जा सकेगा। साथ ही, कस्टम क्लीयरेंस के लिए नए स्मार्ट इंस्पेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं जो कंटेनर को कुछ ही घंटों में ट्रांसपोर्ट रूट पर भेज देंगे।
व्यापारियों को मिलने वाली खास सुविधाएं
सरकार ने व्यापारियों और सप्लाई चेन कंपनियों को राहत देने के लिए कई नए इंसेंटिव्स की घोषणा की है।
- फीस में छूट: जनरल कार्गो के लिए 21 दिनों तक स्टोरेज फीस की छूट दी गई है, ताकि प्राइवेट कंपनियों को आर्थिक राहत मिल सके।
- बॉन्डेड वेयरहाउस जोन: इन खास जोन में सामान रखने पर टैक्स और ड्यूटी तब तक नहीं देनी होगी, जब तक वह सामान लोकल बाजार के लिए क्लियर न हो जाए या आगे एक्सपोर्ट न हो जाए।
- Sea-to-Air कॉरिडोर: समुद्री और हवाई मार्ग दोनों को मिलाकर एक नई सर्विस शुरू की गई है, जो हवाई जहाज की स्पीड और समुद्री रास्ते की कम लागत दोनों का फायदा देती है।
आम लोगों और सप्लाई पर असर
मौजूदा समय में समुद्री रास्तों पर आ रही कुछ दिक्कतों को देखते हुए इस कॉरिडोर को शुरू किया गया है। इस बदलाव से खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों के लिए खाने-पीने के सामान, मेडिकल सप्लाई और अन्य जरूरी चीजों की कोई कमी नहीं होगी। सऊदी के परिवहन मंत्री के अनुसार, लाल सागर के पोर्ट्स में हर साल लगभग 1.8 करोड़ कंटेनर संभालने की क्षमता है। यह नया कॉरिडोर पूरे खाड़ी क्षेत्र में सप्लाई चेन को स्थिर रखने में काफी मददगार साबित होगा।




