Iran Israel War: इजरायल के प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान, ईरान में सरकार बदलने के लिए कर रहे हैं हमले
इजरायल और अमेरिका का ईरान के खिलाफ युद्ध पिछले दो हफ्तों से लगातार जारी है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 12 मार्च को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर हो रहे सैन्य हमलों का मुख्य लक्ष्य वहां की मौजूदा सरकार को बदलना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हर दिन बातचीत कर रहे हैं और दोनों देश पूरी तरह से समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
ईरान की सरकार बदलने की तैयारी
नेतन्याहू ने जानकारी दी कि इजरायल और अमेरिका ईरान की सत्ता को गिराने के लिए सबसे अनुकूल स्थिति तैयार कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि सरकार बदलना पूरी तरह से ईरान की जनता के हाथों में है। उन्होंने कहा कि आप किसी को पानी के पास ले जा सकते हैं लेकिन उसे पानी पीने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। तेहरान में IRGC और बासीज के सुरक्षा नाकों पर ताजा हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों का मकसद ईरान के विपक्षी समूहों को संगठित होने के लिए जगह देना है।
हिजबुल्लाह को सख्त चेतावनी
इजरायल ने लेबनान की सरकार को भी सीधा संदेश दिया है। नेतन्याहू ने लेबनान सरकार से कहा है कि वे हिजबुल्लाह से हथियार वापस लें वरना उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर पहले ही भारी हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के अनुसार उनका मुख्य उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण क्षमता को खत्म करना है। इसे किसी जमीनी सेना की मदद के बिना ही हासिल किया जा सकता है।
युद्ध का आम जनजीवन पर प्रभाव
इस युद्ध का असर आम लोगों पर भी दिखने लगा है। ईरान लगातार उत्तरी इजरायल और तेल अवीव जैसे इलाकों में जवाबी मिसाइल हमले कर रहा है। इसके कारण इजरायल के नागरिकों को होम फ्रंट कमांड के सख्त नियमों के तहत सुरक्षित रहने को कहा गया है। वहीं युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार का इस्तेमाल करने की घोषणा की है।




