Israel Iran War: अप्रैल तक चलेगा इस्राइल-ईरान युद्ध, सऊदी में ड्रोन हमले से विदेशी कामगारों की मौत
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब अप्रैल के पहले सप्ताह तक खिंच सकता है। सऊदी न्यूज और इस्राइली अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुआ यह संघर्ष लंबा चलने की उम्मीद है। इस युद्ध का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखने लगा है, जहां ड्रोन हमलों के कारण सऊदी अरब और ओमान में रहने वाले विदेशी कामगारों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
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खाड़ी देशों में हमलों का असर और विदेशी कामगार
- सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 51 ईरानी ड्रोन मार गिराने की जानकारी दी है, जो रियाद, पूर्वी प्रांत और अल-खर्ज की तरफ आ रहे थे।
- अल-खर्ज में एक रिहायशी इलाके पर हुए हमले में 2 लोगों की मौत हुई और 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें अधिकतर विदेशी कामगार और प्रवासी शामिल हैं।
- ओमान के सोहर में एक इंडस्ट्रियल एरिया में दो ड्रोन गिरने से दो विदेशी नागरिकों की जान चली गई।
- इन घटनाओं से खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका और इस्राइल की आगे की रणनीति
- इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने स्पष्ट किया है कि जब तक सारे लक्ष्य पूरे नहीं होते, यह सैन्य अभियान बिना किसी समय सीमा के चलता रहेगा।
- पूरे इस्राइल में इस समय आपातकाल लागू है और नागरिकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
- अमेरिका ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लीड कर रहा है और व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार उनका मुख्य लक्ष्य ईरान के मिसाइल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
- इराक में एक अमेरिकी ईंधन भरने वाले विमान के क्रैश होने से छह अमेरिकी वायुसैनिकों की मौत दर्ज की गई है।
ईरान का रुख और हवाई क्षेत्र पर प्रभाव
- ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने Strait of Hormuz को बंद रखने और जवाबी हमले जारी रखने की बात कही है।
- सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि वह अपनी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा।
- अमेरिका ने मौजूदा हालात को देखते हुए कई मध्य पूर्वी देशों से अपने नागरिकों को निकालने का आदेश जारी रखा है।
- लेबनान की राजधानी बेरूत में भी इस्राइली हमले देखे गए हैं, जिसके जवाब में हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इस्राइल पर कई हमले किए हैं।




