US-Israel और ईरान युद्ध से Crude Oil 42% उछला, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखेगा बड़ा असर
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब पूरी दुनिया के बाजारों पर दिखने लगा है. मात्र एक हफ्ते में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 28 फरवरी 2026 को जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 42 प्रतिशत से ज्यादा महंगा हो चुका है. इसका सीधा असर गल्फ देशों और वहां काम करने वाले भारतीयों सहित पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतों और ट्रांसपोर्टेशन पर पड़ने वाला है.
कच्चे तेल के दाम में कितनी हुई बढ़ोतरी?
- Brent Crude: इसकी कीमत 101.12 से 103.14 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई है. इस हफ्ते इसमें 11 प्रतिशत की तेजी आई है.
- WTI Crude: यह 95.87 से 99.00 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है और इसमें 10 प्रतिशत का साप्ताहिक उछाल आया है.
- डीजल पर असर: अमेरिका में युद्ध शुरू होने के बाद से डीजल के दाम 25 प्रतिशत बढ़ गए हैं. वहीं यूरोप में यह 2 यूरो से 2.3 यूरो प्रति लीटर तक बिक रहा है.
कच्चे तेल की इन बढ़ती कीमतों से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी महंगाई बढ़ने की आशंका है क्योंकि ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई का खर्च सीधे तौर पर तेल से जुड़ा होता है.
Strait of Hormuz ब्लॉक होने से दुनिया पर क्या संकट है?
ईरान ने हाल ही में सऊदी अरब की रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया है. इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से ब्लॉक हो चुका है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है और इसके बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई बाधित हो गई है. बाजार में तेल की इस कमी को पूरा करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने ग्लोबल रिजर्व से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने का फैसला लिया है.
अमेरिका ने रूसी तेल पर क्यों दी ढील?
तेल की भारी कमी को देखते हुए अमेरिका ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में थोड़ी ढील दी है. अमेरिका ने 12 मार्च 2026 को एक अस्थाई लाइसेंस जारी किया है जिसके तहत 11 अप्रैल तक रूसी कच्चे तेल की बिक्री की जा सकेगी. यह फैसला मुख्य रूप से होर्मुज के ब्लॉक होने के कारण लिया गया है. इस बीच इजराइल की सेना ईरान में लगातार कई ठिकानों पर हमले कर रही है और ईरान ने भी कड़े पलटवार की चेतावनी दी है. अगर यह युद्ध और लंबा चला तो क्रूड ऑयल की कीमत और भी ज्यादा बढ़ सकती है.




