ईरान का बड़ा हमला: अमेरिका और इज़राइल के ठिकानों पर दागी मिसाइलें, कहा चुकानी होगी भारी कीमत
ईरान और हिजबुल्लाह ने मिलकर ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अमेरिका और इज़राइल के कई ठिकानों पर बड़ा हमला किया है. खातमुअल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़घारी ने इस 46वें चरण की आधिकारिक जानकारी दी है. उनका कहना है कि यह हमला उन नेताओं की हत्या के जवाब में किया गया है जिनका खून बहाया गया था. इस तनावपूर्ण माहौल से मिडिल ईस्ट और गल्फ देशों में रह रहे आम लोगों और प्रवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना
14 मार्च 2026 को हुए इस हमले में भारी और सटीक बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. इनमें खुर्रमशहर-4, खैबर शेकन, इमाद और कद्र मिसाइलें शामिल हैं. इन मिसाइलों से कई मुख्य स्थानों को टारगेट किया गया.
- इज़राइली ठिकाने: तेल अवीव, रिशोन लेज़ियन और शोहम सहित 10 जगह पर हमला हुआ.
- अमेरिकी बेस: इराक के एरबिल, मलिक सुल्तान और विक्टोरिया बेस को निशाना बनाया गया.
- नेवी बेस: बहरीन में अमेरिका के फिफ्थ फ्लीट (मीना सलमान) सुविधाओं पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है.
अमेरिका और ईरान के दावों में क्या है सच्चाई
ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों ने दावा किया है कि उन्होंने 112 से 113 ड्रोन और कई मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया है. वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से बिना शर्त सरेंडर करने को कहा है. अमेरिकी सेंटकॉम (Centcom) ने ईरान के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि यूएसएस अब्राहम लिंकन को काम करने लायक नहीं छोड़ा गया है. अमेरिका ने इसे झूठी खबर बताया है और कहा है कि उनका एयरक्राफ्ट कैरियर पूरी तरह से काम कर रहा है. ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिका या इज़राइल को ईरान के खिलाफ हमले के लिए अपनी ज़मीन इस्तेमाल करने देगा, वह उनका सीधा टारगेट बन जाएगा.
आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर है
इस स्थिति का सीधा असर इज़राइल और आस-पास के खाड़ी देशों पर पड़ रहा है. इज़राइल में लगातार सायरन बज रहे हैं और लोगों को अंडरग्राउंड शेल्टर में रहने की सलाह दी गई है. हाइफ़ा और तेल अवीव के सुरक्षा ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है. बहरीन और अन्य मिडिल ईस्ट देशों में काम कर रहे भारतीय और अन्य प्रवासी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. सुरक्षित रहने के लिए सभी को स्थानीय प्रशासन के नियमों को मानने के लिए कहा जा रहा है.




