US Military Update: अमेरिका ने West Asia भेजा अपना खतरनाक युद्धपोत USS Tripoli, ईरान से बढ़ा तनाव
अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच West Asia में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने USS Tripoli स्ट्राइक ग्रुप को Strait of Hormuz के पास तैनात करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह अमेरिकी युद्धपोत जापान के Sasebo बेस से रवाना हो चुका है और करीब 6000 नॉटिकल मील का सफर तय करके 12 से 16 दिन में गल्फ क्षेत्र में पहुंच जाएगा।
इस अमेरिकी युद्धपोत में क्या खास है?
USS Tripoli अमेरिका के सबसे आधुनिक और खतरनाक युद्धपोतों में गिना जाता है। इसके साथ 31st Marine Expeditionary Unit (31st MEU) और अन्य जंगी जहाज जैसे USS New Orleans भी आ रहे हैं। इस बड़ी सैन्य तैनाती में भारी मात्रा में हथियार और सैनिक शामिल हैं।
- सैन्य बल: इस दल में करीब 2,500 Marines और 2,500 sailors शामिल हैं, यानी कुल 5000 सैन्यकर्मी तैनात हैं।
- लड़ाकू विमान: यह युद्धपोत F-35B Lightning II स्टील्थ फाइटर जेट्स और V-22 Osprey एयरक्राफ्ट से लैस है।
- नागरिक सुरक्षा: इस यूनिट के जवानों को एंबेसी की सुरक्षा करने और जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों को सुरक्षित निकालने की खास ट्रेनिंग मिली हुई है।
ईरान के साथ तनाव और ऑपरेशन
यह तैनाती अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे Operation Epic Fury का हिस्सा है। इस ऑपरेशन के तहत अब तक ईरान के 43 जहाजों को निशाना बनाया गया है। इसके बाद 14 मार्च को ईरान की सेना ने धमकी दी थी कि अगर उनके ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे अमेरिका से जुड़े एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इस मामले पर कहा है कि अमेरिका के पास हर स्थिति से निपटने का प्लान मौजूद है और ईरान की धमकियां उनकी हताशा को दिखाती हैं। पेंटागन की रिपोर्ट बताती है कि इस ऑपरेशन के शुरुआती छह दिनों में ही अमेरिका को 11.3 बिलियन डॉलर का खर्च आ चुका है।
गल्फ देशों और तेल सप्लाई पर असर
Strait of Hormuz दुनिया भर की तेल सप्लाई के लिए बहुत अहम रास्ता है। दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल इसी रास्ते से सप्लाई होता है। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण यह रास्ता सामान्य जहाजों के लिए लगभग बंद पड़ा है। CENTCOM की रिपोर्ट के अनुसार इस महीने केवल 77 जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते मानवीय मदद वाले कार्गो को सुरक्षित जाने की अनुमति दी गई है। अमेरिका के इस कदम से Strait of Hormuz की सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है ताकि तेल की सप्लाई सुचारू रूप से चलती रहे।




