US-Israel और Iran युद्ध से 20 हज़ार फ्लाइट्स रद्द, Air India और IndiGo ने बढ़ाया किराया
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल एविएशन सेक्टर पर बड़ा असर पड़ा है. अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी से लेकर अब तक दुनियाभर में करीब 20,000 फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं. अकेले थाईलैंड में 400 से ज़्यादा उड़ानों पर असर पड़ा है और करीब 50,000 यात्री वहां के अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए हैं. इस तनाव के कारण दोहा, दुबई और अबू धाबी जैसे बड़े एयरपोर्ट पर भी कमर्शियल फ्लाइट्स रोक दी गई हैं.
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भारत से Gulf जाने वाले यात्रियों पर असर
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण एविएशन फ्यूल के दाम में 85 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है. 14 मार्च 2026 से Air India और IndiGo जैसी बड़ी एयरलाइंस ने हर टिकट पर एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाना शुरू कर दिया है. गल्फ जाने वाले भारतीयों को अब ज़्यादा पैसे देने होंगे.
- गल्फ देश (Middle East): 900 रुपये प्रति टिकट एक्स्ट्रा चार्ज
- साउथईस्ट एशिया (थाईलैंड आदि): 1800 रुपये प्रति टिकट एक्स्ट्रा चार्ज
- यूरोप: 2300 रुपये प्रति टिकट एक्स्ट्रा चार्ज
कतर एयरवेज ने दोहा एयरपोर्ट पर नॉर्मल फ्लाइट्स बंद कर दी हैं और वहां केवल स्पेशल रेस्क्यू फ्लाइट्स ही चल रही हैं. दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं जिससे भारत से गल्फ देशों में काम करने वाले और यात्रा करने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
थाईलैंड में फंसे यात्रियों के लिए नया नियम
थाईलैंड सरकार ने फंसे हुए 50 हज़ार यात्रियों के लिए राहत का ऐलान किया है. थाईलैंड की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAAT) ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि अगर फ्लाइट 2 घंटे से ज़्यादा लेट होती है तो यात्रियों को खाना और रात रुकने के लिए होटल देना होगा. सुरक्षा कारणों को छोड़कर एयरलाइंस को 1500 से 4500 थाई बात तक का नकद मुआवजा भी देना होगा.
इसके अलावा सरकार ने उन टूरिस्ट को 30 दिन का एक्स्ट्रा वीज़ा देने का फैसला किया है जिनका वीज़ा इस फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण खत्म हो रहा है. इसके लिए यात्री को एयरलाइन से कैंसिलेशन का मैसेज दिखाना होगा. एविएशन डायरेक्टर के अनुसार अभी रेस्क्यू फ्लाइट्स को सबसे पहले मंजूरी दी जा रही है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित उनके देश भेजा जा सके.




