Middle East Flight Canceled: मिडिल ईस्ट में 52 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल, गल्फ में रहने वाले भारतीयों की बढ़ी परेशानी
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में हवाई यातायात पर बहुत बुरा असर पड़ा है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म Cirium और IRNA न्यूज़ एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी से 14 मार्च 2026 के बीच करीब 52,000 फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं। यह कुल 98,000 शेड्यूल फ्लाइट्स का आधे से ज्यादा हिस्सा है। इस रुकावट के कारण लगभग 60 लाख यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और वहां से सफर करने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
फ्लाइट कैंसिल होने का क्या है कारण और असर
कोविड महामारी के बाद यह मिडिल ईस्ट एविएशन सेक्टर के लिए सबसे बड़ी रुकावट मानी जा रही है। 1 से 3 मार्च के बीच फ्लाइट कैंसिल होने का रेट 65 प्रतिशत तक पहुंच गया था जो अब 46.5 प्रतिशत के आसपास है। कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण एयरलाइंस को अपनी उड़ाने रद्द करनी पड़ी हैं।
- प्रभावित एयरलाइंस: Air India, Emirates, Etihad Airways, Qatar Airways, Flydubai, British Airways और Lufthansa शामिल हैं।
- एयरस्पेस पाबंदी: ईरान, इजरायल, इराक, जॉर्डन, कुवैत और यूएई के एयरस्पेस में आंशिक या पूरी तरह से पाबंदी लगी है।
- आर्थिक नुकसान: वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल के अनुसार इस युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के टूरिज्म को हर दिन लगभग 600 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।
रिफंड और टिकट को लेकर क्या हैं नए नियम
लगातार कैंसिल हो रही फ्लाइट्स को देखते हुए कुछ एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। जो लोग खाड़ी देशों की यात्रा कर रहे हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि उनके टिकट का क्या होगा।
- British Airways: जिन यात्रियों को 15 मार्च तक गल्फ, इजरायल या जॉर्डन की यात्रा करनी है, वे बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के अपनी यात्रा की तारीख आगे बढ़ा सकते हैं।
- Pegasus Airlines: 28 फरवरी या उससे पहले बुक किए गए टिकटों पर पूरा रिफंड, फ्री ओपन टिकट या बिना पेनल्टी के तारीख बदलने की सुविधा दी जा रही है।
- चार्टर फ्लाइट्स: आम फ्लाइट्स न होने के कारण दुबई से यूरोप जाने वाली कुछ प्राइवेट चार्टर फ्लाइट्स का किराया 200,000 डॉलर के पार पहुंच गया है।
गल्फ देशों में मौजूदा स्थिति का अपडेट
खाड़ी देशों के मौजूदा हालात को देखते हुए आम लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। 14 मार्च को यूएई के फुजैरा ऑयल टर्मिनल पर ड्रोन हमले की खबर आई है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में भी जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है और मार्च में केवल 77 जहाजों ने ही इस रास्ते को पार किया है। IATA के डायरेक्टर-जनरल ने सभी देशों से अपील की है कि वे नागरिक उड्डयन और आम लोगों को इस युद्ध से सुरक्षित रखें।




