Donald Trump का बड़ा बयान: Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए चीन और ब्रिटेन से जहाज़ भेजने को कहा
Donald Trump ने Strait of Hormuz की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया और ब्रिटेन से अपील की है कि वे इस समुद्री रास्ते में अपने जहाज़ भेजें। यह बयान 13 मार्च 2026 को ईरान के Kharg Island पर हुए अमेरिकी हमले के बाद आया है। इसका मकसद व्यावसायिक जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही को पक्का करना है ताकि किसी भी तरह का खतरा पैदा न हो।
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Kharg Island पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 13 मार्च को ईरान के Kharg Island पर एक बड़ा हमला किया, जिसमें 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों में नौसेना के माइन स्टोरेज और मिसाइल बंकर शामिल थे। ट्रंप ने साफ किया है कि उन्होंने जानबूझकर ईरान के तेल ठिकानों को नुकसान नहीं पहुंचाया है। इसके बावजूद उन्होंने यह चेतावनी दी है कि अगर ईरान जहाज़ों की आवाजाही में रुकावट डालता है, तो इस फैसले को बदला जा सकता है। ट्रंप के अनुसार ईरान की नेवी और एयरफोर्स को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह अमेरिका के कंट्रोल में है।
भारतीय जहाज़ों को मिला सुरक्षित रास्ता
तनाव के इस माहौल के बीच भारत के लिए राहत की बात सामने आई है। 14 मार्च की सुबह दो भारतीय जहाज़ Shivalik और Nanda Devi इस इलाके से सुरक्षित निकल गए। नई दिल्ली और तेहरान के बीच हुई बातचीत के बाद इन दोनों जहाज़ों को निकलने का रास्ता मिल गया। भारत के मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दोनों जहाज़ सुरक्षित भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
क्या है मौजूदा स्थिति और चेतावनी
इस समय Strait of Hormuz में अन्य देशों के व्यावसायिक जहाज़ों की आवाजाही लगभग बंद है। इंश्योरेंस कंपनियों के पीछे हटने और खतरे को देखते हुए ज्यादातर कंपनियों ने अपने ऑपरेशन रोक दिए हैं। हालांकि ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी नेवी बहुत जल्द व्यावसायिक जहाज़ों को सुरक्षा देते हुए इस रास्ते से निकालेगी। दूसरी ओर, बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए लेवल 4 का सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही ईरान के IRGC ने UAE को भी चेतावनी दी है कि वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने उनके निशाने पर हो सकते हैं।




