Saudi Arabia Visa Rules: सऊदी सरकार का नया फरमान, 19 मार्च के बाद बंद हो जाएंगे Umrah वीज़ा, जानिए क्या है नया नियम
सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने 1447 हिजरी (साल 2026) के उमराह सीजन को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य उमराह के लिए सऊदी अरब जाने की प्लानिंग कर रहा है, तो आपको नए नियमों और आखिरी तारीखों का ध्यान रखना होगा। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि एक तय तारीख के बाद नए Umrah वीज़ा जारी नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही हज की तैयारियों को देखते हुए उमराह यात्रियों के लिए सऊदी अरब छोड़ने की आखिरी तारीख भी तय कर दी गई है।
Umrah वीज़ा और सफर की आखिरी तारीखें क्या हैं?
मंत्रालय की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार, वीज़ा और सफर को लेकर तीन अहम तारीखें तय की गई हैं। इन नियमों का पालन करना हर विदेशी यात्री के लिए जरूरी है:
- वीज़ा जारी होने की आखिरी तारीख: नए उमराह वीज़ा 1 शव्वाल 1447 हिजरी (लगभग 19 या 20 मार्च 2026) तक ही जारी किए जाएंगे। इसके बाद Nusuk प्लेटफॉर्म पर नए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
- सऊदी अरब में एंट्री की आखिरी तारीख: उमराह वीज़ा पर सऊदी अरब में प्रवेश करने की अंतिम तारीख 15 शव्वाल (3 अप्रैल 2026) रखी गई है। इस दिन के बाद एयरलाइंस उमराह यात्रियों को बोर्ड नहीं करेंगी।
- वापसी की आखिरी तारीख: सभी अंतरराष्ट्रीय उमराह यात्रियों को 1 ज़िलक़ाद (18 अप्रैल 2026) तक सऊदी अरब हर हाल में छोड़ना होगा ताकि हज की तैयारियां शुरू की जा सकें।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई और अन्य जरूरी बातें?
सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि उमराह वीज़ा का इस्तेमाल हज करने के लिए बिल्कुल नहीं किया जा सकता। हज के लिए एक अलग वीज़ा लेना अनिवार्य है। इसके अलावा कुछ अन्य अहम नियम भी लागू किए गए हैं जिन्हें जानना जरूरी है।
- वीज़ा की वैलिडिटी: अब उमराह वीज़ा जारी होने के 30 दिनों के भीतर अगर यात्री सऊदी अरब में प्रवेश नहीं करता है, तो उसका वीज़ा अपने आप कैंसिल हो जाएगा।
- जुर्माना और सजा: जो यात्री 18 अप्रैल की डेडलाइन के बाद भी सऊदी अरब में रुकेंगे, उन पर 50,000 रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही उन्हें डिपोर्ट करके वापस भेज दिया जाएगा और आगे के लिए बैन भी लग सकता है।
- डिजिटल परमिट: उमराह करने और मदीना में नमाज़ पढ़ने के लिए सभी यात्रियों को Nusuk App का इस्तेमाल करना होगा। बिना डिजिटल परमिट के किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मक्का में डिजिटल इंडिकेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। हरी लाइट का मतलब है कि जगह खाली है और लाल लाइट का मतलब है कि जगह भर चुकी है। इसके अलावा काबा के आस-पास का हिस्सा सिर्फ एहराम पहने हुए उमराह करने वालों के लिए ही रिजर्व रखा गया है।




