Saudi Arabia Rescue Operation: दिल्ली और मिस्र में फंसे इराकी नागरिकों को बसों से भेजा जा रहा स्वदेश
सऊदी अरब ने एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है जिसके तहत नई दिल्ली और मिस्र में फंसे इराकी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जा रहा है. 14 मार्च 2026 को आई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्रीय तनाव के कारण इराक का एयरस्पेस बंद है. ऐसे में सऊदी अरब ने इन फंसे हुए लोगों की मदद के लिए अपने रास्ते खोल दिए हैं. इराक के परिवहन और विदेश मंत्रालय ने सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर 6 स्पेशल उड़ानों को मंजूरी दी है ताकि नागरिकों को सुरक्षित घर पहुंचाया जा सके.
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किस तरह से हो रहा है यह रेस्क्यू ऑपरेशन
- नई दिल्ली और मिस्र से आने वाली स्पेशल फ्लाइट्स को उत्तरी सऊदी अरब के Arar Airport पर उतारा जा रहा है.
- हवाई अड्डे पर लैंडिंग के बाद सभी नागरिकों को बसों के जरिए Jadidat Arar (अल-जदीदा) बॉर्डर क्रॉसिंग तक ले जाया जा रहा है.
- बॉर्डर पहुंचने के बाद यात्री सड़क मार्ग के जरिए सीधे इराक में प्रवेश कर रहे हैं.
- सऊदी जकात, टैक्स और कस्टम अथॉरिटी (ZATCA) इस पूरी प्रक्रिया और चेकिंग की निगरानी कर रही है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो.
सऊदी अरब ने दी खास इवैक्यूएशन वीजा की सुविधा
- सऊदी सरकार ने इस रेस्क्यू मिशन के लिए खास इवैक्यूएशन वीजा को मंजूरी दी है जो केवल स्वदेश लौटने के लिए मान्य है.
- इस वीजा पर नागरिक उमरा या किसी तरह की सामान्य विजिट नहीं कर सकते हैं.
- यात्रियों को रियाद स्थित इराकी दूतावास में पहले से आवेदन करने की जरूरत नहीं है, वे सीधे बॉर्डर क्रॉसिंग पर यह वीजा ले सकते हैं.
- सफर के लिए यात्रियों के पास अपना वैध पासपोर्ट और सऊदी अरब में एंट्री का इवैक्यूएशन वीजा प्रूफ होना जरूरी है.
फ्लाइट्स की कमी और बंद एयरस्पेस का असर
- 28 फरवरी 2026 से ही इराक का एयरस्पेस व्यावसायिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया था.
- हवाई रास्ता बंद होने के कारण लोग खाड़ी देशों और भारत में फंस गए थे और कमर्शियल उड़ानों की कीमतें काफी बढ़ गई थीं.
- मौजूदा समय में एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने टिकटों पर 425 से 2300 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज लगा दिया है.
- इराक के क्राइसिस सेल ने आम लोगों की परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया है और इन 6 स्पेशल फ्लाइट्स का इंतजाम सरकार की तरफ से किया गया है.




