कुवैत में घुसे 7 दुश्मन ड्रोन सेना ने किए ढेर, युद्ध की टेंशन के बीच UAE और कतर ने अमेरिका में किया भारी निवेश का ऐलान
ईरान के आस-पास बढ़ते युद्ध के तनाव का असर अब खाड़ी देशों और वैश्विक बाजारों पर दिखने लगा है। कुवैत में हाल ही में 7 दुश्मन ड्रोन देखे गए, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इन अनिश्चित हालातों के बीच खाड़ी देश अपने बड़े फंड को सुरक्षित जगह पर निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं। यूएई और कतर जैसे देशों ने अमेरिका में भारी निवेश करने का फैसला लिया है।
कुवैत के मौजूदा हालात और प्रवासियों के लिए जरूरी अपडेट
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान ने जानकारी दी कि कुवैत के हवाई क्षेत्र में 7 दुश्मन ड्रोन का पता चला था। सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 3 ड्रोन को मार गिराया, जिसमें कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं। सुरक्षा के लिहाज से गृह मंत्रालय ने अवैध रूप से ड्रोन से वीडियोग्राफी करने वाले 3 लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए बिजली और पानी मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में सभी जरूरी सेवाएं पूरी तरह से स्थिर हैं। ड्रोन के मलबे से 3 पावर ट्रांसमिशन लाइन को नुकसान पहुंचा था, जिसे तुरंत ठीक कर लिया गया है। इसके अलावा कुवैत एयरवेज ने उन नागरिकों के लिए एक खास योजना बनाई है जो सऊदी अरब के रास्ते सड़क मार्ग से वापस आ रहे हैं।
ब्रिटेन के राजदूत कुदसी रशीद ने कुवैत में रह रहे अपने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि हालात नियंत्रण में हैं। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को स्थानीय प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
खाड़ी देशों का भारी निवेश अब अमेरिका की तरफ
युद्ध के माहौल को देखते हुए बड़े निवेशक अब सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे हैं। वर्तमान में अमेरिका का बाजार सबसे गहरा और स्थिर माना जा रहा है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी गवर्नर एंड्रयू हॉसर ने बताया कि इस अनिश्चितता के दौर में अमेरिकी डॉलर एक सुरक्षित करंसी बनी हुई है।
गोल्डमैन सैक्स के सीईओ डेविड सोलोमन के अनुसार, अभी तक वैश्विक वित्तीय बाजारों ने युद्ध के हालातों पर कोई बहुत तेज प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन खाड़ी देशों के सॉवरेन वेल्थ फंड अपनी निवेश रणनीति में बदलाव कर रहे हैं। कुवैत का सेंट्रल बैंक भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों पर नजर रखे हुए है।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): अमेरिका की अर्थव्यवस्था में 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक के निवेश की योजना बनाई है।
- कतर (Qatar): अगले 10 सालों में अमेरिका में करीब 500 बिलियन डॉलर निवेश करने की तैयारी में है।
- जीसीसी देश: सामूहिक रूप से कई ट्रिलियन डॉलर का प्रबंधन करने वाले ये देश अपनी रणनीतियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि वैश्विक वित्तीय प्रणाली पर कोई असर न पड़े।




