UAE Cyber Security Alert: मोबाइल में फर्जी App डाउनलोड करने पर सरकार ने जारी किया अलर्ट, खाली हो सकता है बैंक खाता
UAE में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए साइबर सिक्योरिटी काउंसिल (CSC) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। ‘Cyber Pulse’ अभियान के तहत लोगों को मोबाइल फोन में फर्जी App डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई है। काउंसिल ने बताया कि ऐसे फर्जी ऐप्स के जरिए साइबर अपराधी लोगों का पर्सनल डेटा चुरा कर वित्तीय धोखाधड़ी कर रहे हैं।
फर्जी ऐप्स कैसे करते हैं धोखाधड़ी
हाल के डेटा के अनुसार लगभग 85% फर्जी ऐप्स किसी जानी-मानी कंपनी या ब्रांड की नकल करते हैं। इससे आम आदमी और प्रवासी आसानी से धोखा खा जाते हैं और उन्हें लगता है कि वे एक सही App का इस्तेमाल कर रहे हैं। ठग अक्सर मोबाइल पर फर्जी वार्निंग मैसेज या सिक्योरिटी अलर्ट भेजकर लोगों को तुरंत सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने का दबाव बनाते हैं।
- एक बार फोन में App इंस्टॉल होने के बाद यह कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन का एक्सेस मांगता है।
- कांटेक्ट लिस्ट की जानकारी लेकर ठग ब्लैकमेलिंग और पैसों की वसूली का खेल शुरू करते हैं।
- यह ऐप्स सीधे आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचने का एक आसान रास्ता बन जाते हैं।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें
सरकार ने आम लोगों और प्रवासियों के लिए कुछ आसान नियम बताए हैं ताकि वे अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकें।
- ऑफिशियल स्टोर का इस्तेमाल: कोई भी नया App सिर्फ Apple App Store, Google Play Store या Huawei AppGallery से ही डाउनलोड करें। अनजान लिंक से बचें।
- परमिशन पर ध्यान दें: किसी भी App को कैमरा या कांटेक्ट लिस्ट का एक्सेस तभी दें जब उसकी बहुत जरूरत हो। गैर-जरूरी परमिशन तुरंत बंद करें।
- फोन अपडेट रखें: अपने फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि कोई भी सिक्योरिटी हैक न हो सके।
ठगी करने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना
UAE में साइबर क्राइम और धोखाधड़ी को लेकर कानून बहुत सख्त हैं। Federal Decree-Law No. 34 of 2021 के तहत ऐसे अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- अगर कोई व्यक्ति फर्जी वेबसाइट या App बनाकर लोगों का डेटा चोरी करता है तो उसे सीधे जेल जाना पड़ सकता है।
- ऐसे अपराधों में पकड़े जाने पर 100,000 दिरहम से लेकर 200,000 दिरहम तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
- सरकार ने कहा है कि अगर आप किसी फर्जी App के शिकार होते हैं तो घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम यूनिट को अपनी शिकायत दर्ज कराएं।




