UAE सरकार का बड़ा एक्शन, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ फैलाने वाले 25 लोग गिरफ्तार
UAE में सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त कदम उठाया है। UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ हमद सैफ अल शम्सी ने 25 लोगों को गिरफ्तार कर उन पर अर्जेंट ट्रायल चलाने का आदेश दिया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होने देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले और लोगों में दहशत फैलाने वाले डिजिटल कंटेंट शेयर किए हैं। इससे पहले 14 मार्च 2026 को भी 10 लोगों को पकड़ा गया था, जिससे अब कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या 35 हो गई है। यह खबर उन सभी प्रवासियों और भारतीयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो UAE में रहते हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं।
किन गलतियों के कारण हुई गिरफ्तारी
पब्लिक प्रोसिक्यूशन की जांच में इन 25 लोगों को तीन मुख्य अपराधों में बांटा गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रखी जा रही है, खासकर X (Twitter) और TikTok पर।
- असली वीडियो का गलत इस्तेमाल (12 लोग): मिसाइल हमलों के असली वीडियो में डरावने साउंड इफेक्ट और कमेंट्री डालकर लोगों में डर फैलाना और देश के डिफेंस सिस्टम की जानकारी लीक करना।
- AI से बने फेक वीडियो (7 लोग): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके धमाके या आग लगने के झूठे वीडियो बनाना और दूसरे देशों के पुराने वीडियो को UAE का बताकर शेयर करना।
- दुश्मन देश का प्रचार (6 लोग): विरोधी देश और उसकी सेना की तारीफ करना और UAE पर हुए हमलों को उनकी कामयाबी की तरह पेश करना।
सजा के नियम और सोशल मीडिया गाइडलाइंस
UAE सरकार ने साफ किया है कि बिना सोचे-समझे किसी अनजान सोर्स की पोस्ट को शेयर करना या रीपोस्ट करना भी एक बड़ा अपराध है, भले ही आपने उसे खुद न बनाया हो। प्रवासियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह सिर्फ WAM, MOI, MOD या सरकारी संस्थाओं की जानकारी पर ही भरोसा करें। अमेरिका और अन्य देशों की एंबेसी ने भी अपने नागरिकों को UAE के सोशल मीडिया नियमों का पालन करने का अलर्ट भेजा है।
| अपराध का प्रकार | सजा और जुर्माना |
|---|---|
| गंभीर फेक न्यूज़ और भ्रामक कंटेंट फैलाना | कम से कम 1 साल की जेल और 1 लाख AED जुर्माना |
| बिना वेरिफाई किया गया सामान्य कंटेंट | 5,000 से 10,000 AED तक का प्रशासनिक जुर्माना (2025 मीडिया कानून के तहत) |




