Kuwait Oil Crisis: कुवैत का तेल पहुंचा 143 डॉलर के पार, एक्सपर्ट्स ने दी 200 डॉलर तक दाम बढ़ने की चेतावनी
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) संकट काफी गहरा गया है। इसका सीधा असर कुवैत के तेल बाजार पर देखने को मिला है। शनिवार, 14 मार्च को कुवैती तेल की कीमत उछलकर 143 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। बाजार के जानकारों ने चेतावनी दी है कि अगर यह समुद्री रास्ता बंद रहता है तो कच्चे तेल की कीमतें 180 से 200 डॉलर तक जा सकती हैं।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने उठाया बड़ा कदम
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने कच्चे तेल के वितरण की गारंटी ना दे पाने के कारण अपने सेल्स कॉन्ट्रैक्ट में ‘Force Majeure’ लागू कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि आपात स्थिति के कारण कंपनी सप्लाई करने के वादे से फिलहाल बंधी नहीं है। KPC ने एहतियात के तौर पर अपने उत्पादन में 100,000 बैरल प्रतिदिन की भारी कटौती शुरू कर दी है।
ऑयल रिफाइनिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर स्टोरेज क्षमता पूरी तरह भर जाती है तो यह कटौती तीन गुना तक बढ़ सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना गुजरने वाले करीब 138 जहाजों की संख्या अब घटकर लगभग शून्य हो गई है। ऐसे हालात को देखते हुए कुवैत अब सऊदी और यूएई की पाइपलाइनों से जुड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहा है ताकि अरब सागर तक सुरक्षित तेल पहुंचाया जा सके।
विमान सेवा और सुरक्षा के हालात
क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने के कारण कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने अपनी आपातकालीन योजना लागू कर दी है। इसके लिए आंतरिक मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
सैन्य गतिविधियों में भी तेजी आई है और कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन और मिसाइल खतरों से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। ईरानियन रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा समुद्री रास्ते को बंद करने की धमकियों के बीच इंटरनेशनल लॉ (UNCLOS) के आर्टिकल 44 का हवाला दिया जा रहा है जो किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते को रोकने की इजाजत नहीं देता है।
आम लोगों और प्रवासियों पर असर
कुवैत के सूचना मंत्रालय ने यह साफ किया है कि इस तेल संकट का असर घरेलू आवश्यक सेवाओं और खाने-पीने की चीजों पर नहीं पड़ेगा। देश में खाद्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है।
भारत और अन्य देशों से कुवैत में रहने वाले प्रवासियों को डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने रोजमर्रा की जरूरतों की पूरी तैयारी कर रखी है। जो लोग सफर करने वाले हैं उन्हें DGCA की नई गाइडलाइंस और एयरलाइंस से लगातार फ्लाइट्स का अपडेट लेते रहने की सलाह दी जाती है।




