ईरान का बड़ा दावा, अमेरिका Shahed जैसे ड्रोन से अरब देशों पर कर रहा हमला, कतर में आम लोगों के लिए अलर्ट जारी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने हाल ही में अरब देशों में हो रहे हमलों को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका अपने LUCAS ड्रोन का इस्तेमाल करके गल्फ देशों को निशाना बना रहा है, जो बिल्कुल ईरान के Shahed ड्रोन जैसा दिखता है। इस बीच कतर के गृह मंत्रालय ने वहां रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए सुरक्षा को लेकर भरोसा दिया है।
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अमेरिका के ड्रोन और ईरान का दावा
अरागची के अनुसार, अमेरिका जानबूझकर नागरिक ठिकानों पर हमला कर रहा है ताकि ईरान को बदनाम किया जा सके और उसके पड़ोसी अरब देशों के साथ रिश्ते खराब हों। ईरान ने इस मामले की सच्चाई जानने के लिए गल्फ देशों के सामने एक प्रस्ताव भी रखा है।
- ईरान का कहना है कि अमेरिका का LUCAS ड्रोन पूरी तरह से ईरान के Shahed-136 की कॉपी है।
- ईरान ने क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर एक जांच कमेटी बनाने की मांग की है ताकि हमलों की सच्चाई सामने आ सके।
- ईरान ने साफ किया है कि उनके निशाने पर सिर्फ अमेरिका के सैन्य बेस हैं, न कि गल्फ देशों के आम नागरिकों के घर।
- ईरान के पास 440 किलो यूरेनियम है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि यह केवल कूटनीतिक बातचीत के लिए है।
Strait of Hormuz से जुड़े नए नियम
समुद्री रास्तों को लेकर भी ईरान के विदेश मंत्री ने स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि Strait of Hormuz पूरी तरह से बंद नहीं है, लेकिन कुछ देशों के जहाजों पर रोक लगाई गई है। इस नियम से कई देशों के व्यापार पर असर पड़ रहा है।
- इनपर रोक: अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं है।
- इनके लिए खुला: दुनिया के बाकी देशों के व्यापारिक जहाजों के लिए यह रास्ता खुला है और उन्हें कोई खतरा नहीं है।
- शिपिंग में जो भी देरी हो रही है, वह सुरक्षा कारणों और हाई इंश्योरेंस रिस्क की वजह से है।
कतर और गल्फ में रहने वाले प्रवासियों पर असर
इस पूरे विवाद के बीच गल्फ देशों में काम कर रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए कुछ जरूरी अपडेट भी सामने आए हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में स्थिति पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रण में है।
- कतर में खाने और पानी का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित है, इसलिए निवासियों को डरने की कोई बात नहीं है।
- ईरान लगातार कतर, सऊदी अरब और ओमान के संपर्क में है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
- भारत के कई कार्गो जहाज इस समुद्री रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं, जिससे सामान आने-जाने में देरी हो सकती है।
- ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश के हालात को संभाल रहे हैं।




