Kuwait New Rules: कुवैत ने लागू किया नया नियम, रियल एस्टेट और ज्वेलरी कारोबारियों पर लगेगा 10000 KD तक का जुर्माना
कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (MOCI) ने गैर-वित्तीय व्यवसायों के लिए नया फैसला नंबर 25 जारी किया है। यह नियम खास तौर पर रियल एस्टेट ब्रोकर और सोना-चांदी या कीमती पत्थरों का व्यापार करने वालों पर लागू होगा। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार में होने वाले वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना है। 15 मार्च 2026 से कुवैत में नई जांच टीमें एक्टिव हो गई हैं जो रियल एस्टेट और ज्वेलरी सेक्टर की निगरानी कर रही हैं।
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नया नियम और जोखिम के स्तर
मंत्रालय ने उल्लंघनों को उनकी गंभीरता के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। कुवैत के एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत करीब 19 तरह के उल्लंघनों की पहचान की गई है जिन पर अब नजर रखी जाएगी।
- Low-Risk (कम जोखिम): इसमें छोटी गलतियों को रखा गया है जैसे 3,000 KD से कम के बिल की सही तरीके से जांच न करना।
- Medium-Risk (मध्यम जोखिम): अगर कोई कारोबारी 3,000 KD से ज्यादा के नकद लेन-देन में प्रक्रिया का पालन नहीं करता है, तो उसे इस श्रेणी में रखा जाएगा।
- High-Risk (उच्च जोखिम): कुवैत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (KFIU) को संदिग्ध लेन-देन की जानकारी न देना या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित लोगों को सेवा देना सबसे गंभीर माना गया है।
नियम तोड़ने पर कितनी मिलेगी सजा
नए नियमों का पालन न करने वाले कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। जुर्माने और सजा की मात्रा गलती के जोखिम स्तर पर निर्भर करेगी।
- आर्थिक जुर्माना: मध्यम जोखिम वाले मामलों में 500 से 3,000 KD और उच्च जोखिम वाले मामलों में 4,000 से 10,000 KD तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
- लाइसेंस सस्पेंशन: नियमों की अनदेखी करने पर बिजनेस लाइसेंस 1 से 3 महीने तक के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
- लाइसेंस रद्द: अगर कोई कारोबारी बार-बार बड़ी गलती करता है, तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा।
- प्रतिबंध: गंभीर मामलों में दोबारा व्यापार करने पर एक साल तक की रोक भी लगाई जा सकती है।
आम लोगों और प्रवासियों पर असर
यह फैसला कुवैत को एक सुरक्षित और पारदर्शी वित्तीय केंद्र बनाने के लिए लिया गया है। कुवैत में रहने वाले आम नागरिकों और भारतीय प्रवासियों के लिए यह राहत की बात है। अब जब कोई भी व्यक्ति प्रॉपर्टी या सोने में बड़ा निवेश करेगा, तो उसका लेन-देन पूरी तरह से सुरक्षित और कानूनी रूप से दर्ज होगा। इससे बाजार में अवैध धन का आना रुकेगा और आम उपभोक्ता के हितों की रक्षा होगी।




