Donald Trump का बड़ा दावा, 5 मिनट में तबाह कर सकते हैं ईरान की पाइपलाइन, खाड़ी देशों में अलर्ट
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को एक बार फिर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी सेना महज 5 मिनट में Kharg Island की तेल पाइपलाइन को पूरी तरह तबाह कर सकती है। 14 और 15 मार्च 2026 को सामने आए अपडेट के अनुसार, Trump ने कहा कि अमेरिकी सेना ने द्वीप पर सभी सैन्य ठिकानों को बर्बाद कर दिया है और अब तेल इंफ्रास्ट्रक्चर उनके निशाने पर है। इस तनाव का सीधा असर सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देशों पर पड़ रहा है।
Kharg Island पर हमले और अमेरिका की तैयारी
हाल ही में अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने Kharg Island पर 90 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया है। इनमें मिसाइल बंकर और एयरपोर्ट से जुड़ी जगहें शामिल हैं। Kharg Island की अहमियत इसलिए ज्यादा है क्योंकि ईरान का 90 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है।
- Trump ने कहा कि उन्होंने अभी जानबूझकर तेल पाइपलाइन और टर्मिनल को नहीं छुआ है।
- अगर ईरान ने Strait of Hormuz को रोका या वहां कोई दखल दिया, तो इस फैसले को तुरंत बदल दिया जाएगा।
- ईरान का कहना है कि उनके तेल का निर्यात अभी भी जारी है क्योंकि हमला सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हुआ है।
- अमेरिका की नौसेना बहुत जल्द Strait of Hormuz में तेल के जहाजों को सुरक्षा देना शुरू करेगी।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी चेतावनी दी है कि अगर उनके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो वे अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाएंगे।
खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और उड़ानों पर असर
इस बढ़ते तनाव के कारण UAE और सऊदी अरब को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सऊदी अरब ने 15 मार्च से पहले 24 घंटों के अंदर 10 से 17 ड्रोन हवा में ही नष्ट किए हैं। इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने को कहा है।
- सुरक्षा को देखते हुए बहरीन और सऊदी अरब में अप्रैल 2026 में होने वाली Formula 1 (F1) रेस को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है।
- कई बड़ी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों का रूट बदल दिया है, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच सफर करने वाले प्रवासियों को परेशानी हो सकती है।
- JP Morgan की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरान के तेल पाइपलाइन पर सीधा हमला होता है, तो दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं।
खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। उड़ानों के रूट में बदलाव के कारण यात्रा करने से पहले अपनी एयरलाइन से जानकारी लेना जरूरी है।




