सऊदी अरब को मिली बड़ी कामयाबी, Farasan Islands को IUCN Green List में मिली जगह, जानिए पर्यटन के क्या हैं नियम
सऊदी अरब के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी खबर आई है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने 15 मार्च 2026 को Farasan Islands Reserve को अपनी ग्रीन लिस्ट में शामिल करने का ऐलान किया है। यह लिस्ट दुनिया की उन जगहों को दी जाती है जहाँ पर्यावरण की सुरक्षा और मैनेजमेंट इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से बेहतरीन तरीके से की जाती है। इस रिजर्व का मैनेजमेंट सऊदी अरब का National Center for Wildlife (NCW) करता है।
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Farasan Islands Reserve की खासियत और एंट्री नियम
फ़रासन आइलैंड्स करीब 5,657 स्क्वायर किलोमीटर में फैला हुआ है। इस जगह पर 266 कोरल आइलैंड्स हैं। इसके अलावा यहाँ 180 तरह के पौधे, 150 प्रजाति के पक्षी और 230 तरह की मछलियां पाई जाती हैं। यहाँ घूमने जाने वालों के लिए नियम तय किए गए हैं। टूरिस्ट्स को जाने से पहले नेशनल सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ (NCW) के Fitri प्लेटफार्म के जरिए अपना परमिट लेना होता है।
- यहाँ नागरिकों के लिए फेरी ट्रांसपोर्ट काफी हद तक फ्री या सब्सिडी रेट पर दी जाती है।
- इसे साल 2021 में UNESCO की तरफ से मान्यता मिल चुकी है।
- दिसंबर 2025 में इसे Ramsar Convention की लिस्ट में भी शामिल किया गया था।
- इस रिजर्व में खासतौर पर Farasan gazelle और प्रवासी पक्षियों का बचाव किया जाता है।
इस लिस्ट में शामिल होने के फायदे और 4 जरूरी पैमाने
IUCN की इस ग्रीन लिस्ट में शामिल होने और बने रहने के लिए चार अहम पैमानों को पूरा करना होता है। इसमें सही गवर्नेंस, बेहतर प्लानिंग, मैनेजमेंट और अच्छे नतीजे शामिल हैं। NCW के सीईओ डॉ. मोहम्मद कुर्बान ने बताया कि यह कामयाबी सऊदी अरब के पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ा कदम है। इससे आगे चलकर देश और आम लोगों को कई फायदे होंगे।
- इस मान्यता से इंटरनेशनल लेवल पर रिसर्च के लिए नई फंडिंग मिलने का रास्ता खुलेगा।
- Farasan Islands को दुनिया भर में एक बेहतरीन इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर पहचान मिलेगी।
- यहाँ के मैनेजमेंट को ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से मॉनिटर किया जाएगा और मजबूत बनाया जाएगा।
- लोकल लोगों को भी पर्यावरण बचाने के कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा जिससे पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।




