US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पूरी तरह से बंद, ओमान और मिस्र की कोशिश भी रही नाकाम
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद में अभी कोई मध्यस्थता (mediation) नहीं हो रही है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच बातचीत के सारे रास्ते फिलहाल बंद हैं। इस तनाव को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई जा रही है, लेकिन कोई भी देश पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस युद्ध को 17 दिन हो चुके हैं और Strait of Hormuz अभी भी बंद है।
क्या कह रहे हैं अमेरिका और ईरान के नेता?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वह अभी ईरान के साथ किसी भी डील के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि कोई भी समझौता सिर्फ सीजफायर तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी शामिल होना चाहिए। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी स्पष्ट किया है कि तेहरान ने न तो सीजफायर की मांग की है और न ही बातचीत के लिए कहा है। ईरान अभी अपने बचाव मोड में है और अपनी सैन्य कार्रवाई पर ध्यान दे रहा है।
ओमान और मिस्र की कोशिशों का क्या हुआ?
इस विवाद को सुलझाने के लिए ओमान और मिस्र ने तीसरे पक्ष के रूप में मध्यस्थता करने की कोशिश की थी। ओमान के अधिकारियों ने बातचीत शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन अमेरिका (White House) ने अभी किसी भी तरह की बातचीत में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके अलावा, UN ने भी जल्द से जल्द कूटनीतिक रास्ते निकालने की अपील की है ताकि तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके।
विवाद से जुड़ी कुछ अहम बातें
अमेरिका का Operation Epic Fury लगातार जारी है, जिसका मकसद ईरान के सैन्य ढांचे को कमज़ोर करना है। इसके साथ ही जलमार्ग बंद होने से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर असर पड़ रहा है। कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- अमेरिका का सैन्य ऑपरेशन बिना रुके चल रहा है।
- ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल प्रोग्राम पर बात करने से साफ इनकार किया है।
- Strait of Hormuz के बंद होने से ग्लोबल शिपिंग और एनर्जी सप्लाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
- दोनों देश अभी आर्थिक नुकसान के बजाय अपने सैन्य लक्ष्यों पर फोकस कर रहे हैं।




