Saudi Central Bank New Rule: सऊदी अरब में नौकरी जाने या सैलरी कटने पर लोन चुकाने में मिलेगी राहत, बैंक नहीं ले सकेंगे कोई एक्स्ट्रा फीस
सऊदी अरब के सेंट्रल बैंक (SAMA) ने बैंक ग्राहकों और लोन लेने वालों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अगर किसी व्यक्ति की नौकरी चली जाती है या उसकी सैलरी कट जाती है, तो वह बिना किसी एक्स्ट्रा फीस के अपने लोन को रिशेड्यूल करवा सकता है. SaudiNews50 की 16 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक अब ऐसे मामलों में ग्राहकों पर कोई नया चार्ज नहीं लगा सकेंगे. यह नियम उन सभी प्रवासियों और नागरिकों के लिए बहुत मददगार है जो अचानक आर्थिक परेशानी का सामना करते हैं.
क्या है नया नियम और किसे मिलेगा फायदा?
अगर किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में अचानक बदलाव आता है, जैसे नौकरी जाना या सैलरी कम होना, तो वह बैंक से अपने कर्ज की किस्तों को रिशेड्यूल करने की मांग कर सकता है. सऊदी सेंट्रल बैंक के अनुसार, बैंकों को ग्राहक के दस्तावेज मिलने के 30 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करना होगा. इसका फायदा उन भारतीय और अन्य प्रवासियों को भी मिलेगा जो गल्फ में नौकरी करते हैं और किसी कारणवश उनकी आय पर असर पड़ता है.
लोन रिशेड्यूल करने की मुख्य शर्तें
इस नियम के तहत ग्राहकों को कई तरह की राहत दी गई है. सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के लिए कुछ सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं: बैंक या फाइनेंस कंपनी इस रिशेड्यूलिंग के लिए कोई प्रोसेसिंग या एडमिन फीस नहीं ले सकती है.
- नया लोन नहीं: इसे पुराने कॉन्ट्रैक्ट का ही हिस्सा माना जाएगा, बैंक इसे नया लोन बनाकर पेश नहीं कर सकते.
- ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं: पुराने लोन में जो प्रॉफिट रेट (APR) तय था, वही लागू रहेगा. बैंक अपनी मर्जी से चार्ज नहीं बढ़ा सकते.
हाल ही में 20 फरवरी 2026 से लागू हुए नए टैरिफ गाइड के तहत पर्सनल फाइनेंस पर एडमिन फीस को भी 1 प्रतिशत या 5,000 रियाल (जो भी कम हो) तक सीमित कर दिया गया है.
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से (Voluntary) लोन रिशेड्यूल करवाता है, तो बैंक शर्तों के आधार पर ब्याज दर में बदलाव कर सकते हैं. इसके अलावा, यह 30 दिन वाला फास्ट नियम होम लोन या मॉर्गेज जैसे फाइनेंसिंग पर पूरी तरह से लागू नहीं होता है, क्योंकि उनके कॉन्ट्रैक्ट के नियम अलग होते हैं. किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए ग्राहकों को बैंक में अपने सही दस्तावेज जमा करने होंगे.




