Kuwait Govt Statement: कुवैत ने UN रिपोर्ट पर जताई कड़ी आपत्ति, ईरान की निंदा न होने पर उठाया सवाल
कुवैत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की हालिया रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) द्वारा 16 मार्च 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, जिनेवा में कुवैत के प्रतिनिधियों ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया। कुवैत का कहना है कि रिपोर्ट में नागरिकों पर हुए हमलों और ईरान की गतिविधियों की स्पष्ट निंदा नहीं की गई है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।
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कुवैत ने UN रिपोर्ट का क्यों किया विरोध?
कुवैत का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जमीनी हकीकत को सही ढंग से पेश नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, रिपोर्ट में ईरान द्वारा नागरिकों पर किए गए हमलों और बुनियादी ढांचे को पहुंचाए गए नुकसान को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।
कुवैत के राजनयिकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक रिपोर्ट में स्पष्ट शब्दों में निंदा नहीं होगी, तब तक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निगरानी की विश्वसनीयता नहीं बच सकती। कुवैत ने मांग की है कि ऐसे मामलों में हमलावरों की सीधी जवाबदेही तय होनी चाहिए और उन्हें आधिकारिक रिपोर्ट में नामित किया जाना चाहिए।
नागरिकों की सुरक्षा पर कुवैत का कड़ा रुख
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान कुवैत ने अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा नीति को दुनिया के सामने रखा। कुवैत सरकार का कहना है कि बाहरी सैन्य हस्तक्षेप से आम नागरिकों को बचाना सबसे ज्यादा जरूरी है और इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई कोताही नहीं बरती जा सकती।
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर कुवैत ने यह भी मांग की है कि रिपोर्टिंग के मानकों में तत्काल सुधार हो। कुवैत के अनुसार, जांच के दौरान कड़े शब्दों का इस्तेमाल होना चाहिए ताकि भविष्य में सीमा पार से होने वाले हमलों को रोका जा सके। इस मुद्दे को UNHRC के सत्र में आधिकारिक बहस के दौरान उठाया गया है।




