Gulf Security Update: मिस्र के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, खाड़ी देशों की सुरक्षा को बताया अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा
SaudiNews50 और मिस्र के आधिकारिक मीडिया के अनुसार 16 मार्च 2026 को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा मिस्र की राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अभिन्न हिस्सा है. मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती इस समय कतर और UAE के दौरे पर हैं और उन्होंने वहां के नेताओं तक एकजुटता का यह संदेश पहुंचाया है. हाल ही में खाड़ी देशों की संप्रभुता पर हुए हमलों के बाद मिस्र ने यह कड़ा रुख अपनाया है.
मिस्र ने की जॉइंट अरब फोर्स बनाने की मांग
मिस्र सरकार ने 1950 में हुए अरब म्यूचुअल डिफेंस ट्रीटी को फिर से लागू करने की मांग की है. इसके तहत एक जॉइंट अरब फोर्स बनाने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि अरब देशों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. रेजोल्यूशन 628 के तहत मिस्र चाहता है कि अरब देशों पर होने वाले किसी भी खतरे का तुरंत सैन्य जवाब दिया जाए. मिस्र ने यह भी साफ किया है कि खाड़ी देशों की संप्रभुता पर कोई भी हमला सीधे काहिरा (मिस्र) पर हमला माना जाएगा.
समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर जोर
इस बातचीत के दौरान लाल सागर और अरब की खाड़ी में समुद्री रास्तों और सप्लाई चेन की सुरक्षा को भी अहम बताया गया. मिस्र के विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राष्ट्रपति सीसी ने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए किसी भी समानांतर मिलिशिया को काम करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल वैध सरकारी संस्थाओं के पास ही हथियार होने चाहिए.
खाड़ी देशों के नेताओं ने की तारीफ
सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं ने मिस्र के इस सख्त रुख की काफी सराहना की है. उनका मानना है कि मिडिल ईस्ट में शांति बनाए रखने के लिए काहिरा और रियाद का एक साथ आना बहुत जरूरी है. आधिकारिक बयानों में यह भी कहा गया है कि कूटनीति और बातचीत के जरिए ही क्षेत्र को पूरी तरह से अशांत होने से बचाया जा सकता है. इस बयान से गल्फ में काम कर रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी राहत है क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता से व्यापार और रोजगार सुरक्षित रहता है.




