US Iran Conflict: Trump ने ईरान के Kharg Island तेल ठिकानों को उड़ाने की दी चेतावनी, कच्चा तेल 104 डॉलर के पार
America के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को एक बार फिर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका ईरान के Kharg Island पर मौजूद तेल ठिकानों को कभी भी निशाना बना सकता है. फिलहाल अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत वहां के सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है लेकिन तेल ठिकानों को अभी छोड़ दिया है. इस चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और Brent Crude 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. इसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
क्या है Trump की नई चेतावनी और ईरान का जवाब
Trump ने 16 मार्च 2026 को साफ कहा कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को परेशान करना जारी रखा तो अमेरिका 5 मिनट के नोटिस पर तेल पाइपलाइनों को उड़ा देगा. उन्होंने NBC News पर यह भी कहा कि अमेरिका पूरी तरह से तैयार है और मिलिट्री कुछ और बार इस द्वीप पर हमला कर सकती है. शुक्रवार 13 मार्च को अमेरिकी सेना CENTCOM ने इस द्वीप पर बमबारी कर के ईरान के एयर डिफेंस, नेवल बेस और मिसाइल बंकरों को नष्ट कर दिया है.
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी इस पर पलटवार किया है. उनका कहना है कि अगर ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. ईरान ने धमकी दी है कि वह पूरे इलाके में अमेरिका से जुड़े तेल और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाएगा. दूसरी तरफ इस्राइल ने भी दक्षिणी लेबनान में जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी है जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है.
दुनियाभर के तेल बाजार और खाड़ी देशों पर इसका असर
Kharg Island ईरान का सबसे बड़ा तेल हब है जहां से उसका 90 से 94 प्रतिशत कच्चा तेल एक्सपोर्ट होता है. इस तनाव के कारण सोमवार को ब्रेंट क्रूड 1.8 प्रतिशत बढ़कर 104.98 डॉलर प्रति बैरल हो गया. J.P. Morgan के जानकारों का मानना है कि अगर तेल ठिकानों पर सीधा हमला हुआ तो ईरान का पूरा एक्सपोर्ट रुक जाएगा और इलाके में बड़ा युद्ध छिड़ सकता है.
अमेरिका अब Strait of Hormuz को खोलने के लिए एक Hormuz Coalition बना रहा है जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस और चीन जैसे देश शामिल हो सकते हैं. खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर यहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. TankerTrackers की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अभी तेल का काम सामान्य रूप से चल रहा है और जहाज तेल भर रहे हैं.



