Iran-Israel War Update: अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान पर दागी मिसाइलें, मलबे से निकाले जा रहे लोग, गल्फ देशों पर भी बड़ा असर
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर एक बार फिर बड़े हमले किए हैं। इन हमलों के बाद कई इमारतें ढह गई हैं और रेस्क्यू टीमें मलबे में दबे आम नागरिकों को बाहर निकाल रही हैं। यह घटना 16 मार्च 2026 की है। इस युद्ध का असर अब केवल ईरान और इज़राइल तक सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार UAE, सऊदी अरब और कुवैत जैसे गल्फ देशों को भी इसका सीधा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
हमले में कितना हुआ नुकसान और कितनी गई जानें?
इस जंग में दोनों तरफ से भारी नुकसान हो रहा है। ईरान के कई बड़े नेता और सैन्य अधिकारी भी इस युद्ध में मारे गए हैं, जिनमें वहां के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह का नाम शामिल है। नीचे दिए गए आंकड़ों से नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है:
| देश और गुट | नुकसान और मौतें |
|---|---|
| ईरान के आम नागरिक | 742 से ज्यादा मौतें |
| ईरानी सैन्य बल | 3,000 से 4,400 सैनिकों की मौत |
| बच्चे (पूरे क्षेत्र में) | 1,100 से अधिक हताहत |
| अमेरिकी सेना | कुवैत बेस पर हमले में 6 सैनिकों की मौत |
| इज़राइली नागरिक | 14 की मौत और 2,339 घायल |
गल्फ देशों (UAE, Kuwait, Saudi) पर क्या हुआ असर?
ईरान ने इतिहास में पहली बार सभी छह गल्फ देशों (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE) को सीधे तौर पर निशाना बनाया है। इन हमलों में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, सिविलियन एयरपोर्ट और मिलिट्री बेस पर बमबारी की गई है। 16 मार्च को ईरान ने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए अबू धाबी और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए। इससे गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के बीच चिंता की स्थिति बन गई है।
अमेरिका और इज़राइल के बड़े ऑपरेशन
इस युद्ध में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के अंदर 4,200 से अधिक स्ट्राइक किए हैं। इज़राइल का कहना है कि उसने ईरान के 80 प्रतिशत डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। वहीं अमेरिका ने 1,700 से अधिक जगहों पर बमबारी की है, जिनमें नेवल शिप, सबमरीन और कमांड सेंटर शामिल हैं। खार्ग द्वीप पर 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को भी तबाह किया गया है, हालांकि तेल के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखा गया है।




