Saudi Arabia Mining Wealth: सऊदी अरब के पास मिला 9.4 ट्रिलियन रियाल का खजाना, सोने की नई खोज ने बढ़ाई अर्थव्यवस्था की रफ्तार
सऊदी अरब ने अपनी अर्थव्यवस्था को तेल से आगे ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश की खनिज संपदा का मूल्य अब 9.4 ट्रिलियन रियाल यानी करीब 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा 2016 के अनुमानों से 90 प्रतिशत अधिक है। हाल ही में टोरंटो में हुए PDAC 2026 सम्मेलन के दौरान सऊदी अधिकारियों ने दुनिया भर के निवेशकों को इस सेक्टर में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है।
खनिज संपदा और सोने की नई खोज
सऊदी अरब का लक्ष्य खनन को अपनी अर्थव्यवस्था का तीसरा सबसे बड़ा हिस्सा बनाना है। इसी दिशा में काम करते हुए देश में कई नए खनिजों की खोज हुई है।
- सोने का विशाल भंडार: साल 2026 की शुरुआत में ही मंसूरा-मस्सारह खदान में 7.8 मिलियन औंस सोने के नए भंडार की खोज की गई।
- सर्च ऑपरेशन: करीब 700,000 वर्ग किलोमीटर इलाके में जियोलॉजिकल सर्वे किया जा रहा है।
- एक्सप्लोरेशन: 46,000 वर्ग किलोमीटर का इलाका खोज और खनन के लिए निवेशकों को दिया गया।
- निवेश में बढ़ोतरी: 2021 से 2025 के बीच एक्सप्लोरेशन बजट में 595 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
विदेशी निवेशकों के लिए नए नियम और छूट
सऊदी सरकार ने विदेशी कंपनियों को लुभाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। अब यहाँ खनन के क्षेत्र में 100 प्रतिशत डायरेक्ट विदेशी निवेश की अनुमति दे दी गई है जिससे बाहर की कंपनियां आसानी से काम कर सकेंगी।
- लाइसेंस पर ग्रांट: शुरुआती निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार प्रति लाइसेंस 2 मिलियन डॉलर तक की ग्रांट दे रही है।
- टैक्स में छूट: नई कंपनियों को पहले 5 साल तक टैक्स से पूरी तरह छूट दी जाएगी।
- फंडिंग सपोर्ट: कैपिटल खर्च के लिए 75 प्रतिशत तक की को-फंडिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
इसके अलावा सऊदी अरब की सरकारी खनन कंपनी मादेन ने अगले दस सालों में 110 बिलियन डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। इंटरनेशनल रैंकिंग में भी सऊदी अरब निवेश के लिए दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल हो गया है।




