Indian Navy Deployment: Strait of Hormuz में तैनात हुए भारतीय युद्धपोत, सुरक्षित लाए जा रहे हैं जहाज
भारतीय नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारतीय व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए Strait of Hormuz में अपने दो टास्क फोर्स युद्धपोत तैनात किए हैं। ऑपरेशन संकल्प (Operation Sankalp) के तहत यह कदम उठाया गया है ताकि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा की जा सके। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारतीय युद्धपोतों द्वारा एस्कॉर्ट किए जा रहे जहाजों को हर संभव सहायता और तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।
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भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की ताजा स्थिति
नौसेना के इस मिशन के तहत कई महत्वपूर्ण जहाजों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। LPG कैरियर Shivalik सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। वहीं LPG कैरियर Nanda Devi और कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर Jag Laadki वर्तमान में रास्ते में हैं और इनके मंगलवार 17 मार्च तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।
- खाड़ी क्षेत्र में अभी भी भारत के झंडे वाले 22 जहाज मौजूद हैं।
- इन जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक सवार हैं जो पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
- शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) इन टैंकरों के संचालन की लगातार निगरानी कर रहा है।
भारत सरकार के राजनयिक प्रयास और कंट्रोल रूम की रिपोर्ट
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं बनी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए किसी भी साझा नौसैनिक बल में शामिल होने पर द्विपक्षीय बातचीत नहीं की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ईरान के साथ सीधी बातचीत जारी है और इसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं।
| विभाग | मुख्य जिम्मेदारी और कार्य |
|---|---|
| भारतीय नौसेना | युद्धपोतों के जरिए जहाजों की निगरानी और एस्कॉर्टिंग |
| विदेश मंत्रालय (MEA) | ईरान के साथ राजनयिक बातचीत और समन्वय |
| शिपिंग निदेशालय (DGS) | 24 घंटे कंट्रोल रूम के जरिए नाविकों की सहायता |
सरकार ने पुष्टि की है कि इन क्षेत्रीय तनावों के बावजूद JNPA जैसे बड़े भारतीय बंदरगाहों पर कोई जाम की स्थिति नहीं है। ऊर्जा आपूर्ति और कार्गो संचालन सामान्य रूप से चल रहा है। डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग के कंट्रोल रूम ने अब तक नाविकों की सहायता के लिए 2,425 कॉल और 4,441 ईमेल का निपटारा किया है।




