Iraq News: इराक के प्रधानमंत्री की सख्त चेतावनी, सुरक्षा को बताया ‘रेड लाइन’, कानून तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य की सुरक्षा और नागरिकों की सलामती एक ऐसी ‘रेड लाइन’ है जिसे किसी भी कीमत पर पार नहीं किया जा सकता। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप को रोकने के मकसद से दिया गया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इराक की जमीन का इस्तेमाल किसी भी दूसरे देश पर हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
इराक सरकार ने सुरक्षा बनाए रखने के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
प्रधानमंत्री अल-सुदानी ने सुरक्षा बलों और सरकारी संस्थानों को सख्त आदेश दिए हैं कि वे केवल राज्य के कानून का पालन करें। सरकार की ओर से जारी मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
- युद्ध या शांति से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला लेने का अधिकार केवल राज्य और उसके संवैधानिक संस्थानों के पास होगा।
- किसी भी सशस्त्र गुट या संगठन को इराक के भीतर अनधिकृत सैन्य गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- सुरक्षा बलों को आदेश दिया गया है कि वे देश के भीतर किसी भी तरह के अवैध हथियार या मिसाइल लॉन्च की कोशिशों को पूरी सख्ती से रोकें।
- ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सुरक्षा अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी और एक्शन लिया जाएगा।
विदेशी दूतावासों और क्षेत्रीय शांति पर क्या है नया अपडेट?
क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इराक ने अपनी डिप्लोमैटिक सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे ग्रीन जोन और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर मौजूद विदेशी दूतावासों को अधिकतम सुरक्षा प्रदान करें। हाल ही में हुई ड्रोन गतिविधियों और खतरों के बाद यह कदम उठाया गया है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत भी तेज कर दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि इराक अपनी तटस्थता बनाए रखेगा और किसी भी क्षेत्रीय विवाद में शामिल नहीं होगा। बसरा जैसे इलाकों में सुरक्षा बलों ने हाल ही में कई संदिग्ध गतिविधियों को नाकाम किया है। सरकार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे देश में शांति और एकता बनाए रखने में सहयोग करें ताकि किसी भी तरह की आंतरिक अस्थिरता पैदा न हो।




