Strait of Hormuz Update: ईरान ने अमेरिका के लिए बंद किया समुद्री रास्ता, भारतीय जहाजों को मिली विशेष छूट
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। तेहरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह रास्ता केवल उन देशों के लिए खुला रहेगा जो अमेरिका या इजरायल के गुट में शामिल नहीं हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों और बीमा कंपनियों द्वारा कवरेज वापस लेने से इस मार्ग पर जहाजों का आवागमन लगभग ठप हो गया है।
👉: Qatar Security Alert: कतर में मिसाइल हमला नाकाम, राजधानी दोहा के कई इलाकों को कराया गया खाली।
होर्मुज जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरान की ओर से जारी बयान के अनुसार यह जलमार्ग प्रतिबंधित श्रेणी में है। खाड़ी के अंदर वर्तमान में 300 से अधिक जहाज फंसे हुए हैं क्योंकि इंश्योरेंस कंपनियों ने इस क्षेत्र के लिए वार-रिस्क कवर देना बंद कर दिया है। इसके बावजूद भारत और तुर्की जैसे देशों के लिए ईरान ने कुछ रियायतें दी हैं।
| देश | अनुमति का विवरण |
|---|---|
| भारत | ईरान ने भारतीय जहाजों को विशेष छूट दी है। 14 मार्च को दो भारतीय LPG टैंकरों को मार्ग से गुजरने दिया गया। |
| तुर्की | तुर्की के एक जहाज को ईरानी बंदरगाह का उपयोग करने के बाद गुजरने की अनुमति मिली। |
| अमेरिका और सहयोगी | पूरी तरह से प्रतिबंधित। किसी भी अनाधिकृत जहाज के प्रवेश पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। |
युद्ध का वैश्विक और आर्थिक असर क्या है?
इस संघर्ष का सीधा असर तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई है, जो युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि है। अमेरिका में भी पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया है। सैन्य मोर्चे पर भी गतिविधियां तेज हैं।
- ईरान ने इजरायली कमांड सेंटरों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमलों की ‘वेव 57’ लॉन्च की है।
- यूएई के रक्षा मंत्रालय ने अपनी सीमा की ओर आने वाली 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 21 ड्रोनों को मार गिराने की पुष्टि की है।
- इजरायल ने मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमला कर ईरानी सुप्रीम लीडर द्वारा उपयोग किए जाने वाले विमान को नष्ट करने का दावा किया है।
- जर्मनी, ग्रीस और स्पेन जैसे यूरोपीय देशों ने अमेरिका के सैन्य मिशन में शामिल होने से इनकार कर दिया है।




