Dubai Logistics Policy: दुबई में नया लॉजिस्टिक्स नियम 2026 से लागू, नियमों का उल्लंघन करने पर लगेगा 50 हजार दिरहम का जुर्माना
ग्लोबल ट्रेड के अहम केंद्र UAE और पूरे MENA क्षेत्र में 2026 तक वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स काम करने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। हाल ही की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया का 12 प्रतिशत ट्रेड लाल सागर के रास्ते होता है और इसे बेहतर बनाने के लिए ऑटोमेशन का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है। दुबई चैंबर और दुबई लॉजिस्टिक्स काउंसिल ने 2026 के लिए नए और सख्त नियम भी जारी कर दिए हैं। अब इस सेक्टर में विदेशी निवेशक 100 प्रतिशत ओनरशिप ले सकते हैं, जिससे बाहर से बड़े निवेश आ रहे हैं।
क्या है नया Dubai Logistics Policy 2026
वेयरहाउस और स्टोरेज का काम करने वाली कंपनियों के लिए अब नए नियम मानना अनिवार्य होगा। नए नियमों का पालन न करने वाले वेयरहाउस पर 50,000 AED तक का जुर्माना लगाया जाएगा या उनके काम को कुछ समय के लिए रोका भी जा सकता है।
- सेफ्टी सर्टिफिकेशन: हेवी-ड्यूटी रैक्स को ISO 3457:2025 मानक के अनुरूप होना चाहिए और ये अपनी क्षमता से 120 प्रतिशत अधिक वजन सहने लायक होने चाहिए।
- इको-फ्रेंडली नियम: स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाले कम से कम 60 प्रतिशत उपकरण रीसाइकिल होने वाले या पर्यावरण के अनुकूल मटेरियल से बने होने चाहिए।
- डिजिटल रिकॉर्ड: वेयरहाउस कंपनियों को अपने मेंटेनेंस और लोड-टेस्ट के रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रखने होंगे ताकि अचानक होने वाली चेकिंग में दिक्कत न आए।
ऑटोमेशन से हल होंगी ये 5 बड़ी परेशानियां
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार 2026 तक ऑटोमेशन और रोबोटिक्स से वेयरहाउस कंपनियों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे न सिर्फ खर्चे बचेंगे बल्कि डिलीवरी का काम भी तेज होगा।
- लेबर खर्च में कमी: वेयरहाउस में लेबर का खर्च 50-70 प्रतिशत तक होता है, लेकिन रोबोटिक्स से यह खर्च 30-40 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।
- जगह की बचत: नई स्टोरेज मशीनों के कारण चौड़े रास्तों की जरूरत खत्म हो जाएगी, जिससे 85 प्रतिशत तक ज्यादा सामान रखा जा सकेगा।
- स्पीड और एक्यूरेसी: ई-कॉमर्स की बढ़ती डिमांड के कारण ऑटोमेशन से सामान पैक और डिलीवर करने की स्पीड 300 प्रतिशत बढ़ेगी और काम 99.9 प्रतिशत सही होगा।
- सप्लाई चेन ट्रैकिंग: रियल टाइम डेटा और IoT से लाल सागर ट्रेड रूट से आने वाले सामान की ट्रैकिंग आसान और सुरक्षित होगी।
- वर्कप्लेस सेफ्टी: बिना फोर्कलिफ्ट वाले डिजाइन पर काम होने से कर्मचारियों के टकराने और चोट लगने के हादसों में 25 प्रतिशत की कमी आई है।
सॉफ्टवेयर खर्चे और फूड सिक्योरिटी का आंकड़ा
आजकल एक वेयरहाउस मैनेजमेंट सिस्टम (WMS) का सालाना लाइसेंस खर्च 30,000 AED से लेकर 150,000 AED के बीच आ रहा है। वहीं ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) के लिए 20,000 से 100,000 AED सालाना लगता है। वेयरहाउस ऑटोमेशन का ग्लोबल मार्केट 2026 तक 29.98 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा हाल ही में आई एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार एआई आधारित सिस्टम से हर साल लगभग 10 करोड़ फूड प्रोडक्ट्स को खराब होने से बचाया जा रहा है, जिससे खाने की बर्बादी रुकी है।





