ईरान का बड़ा फरमान, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और इजराइल के जहाजों की एंट्री बैन, शिपिंग 90% गिरी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही में जो दिक्कतें आ रही हैं, वह अमेरिका और इजराइल द्वारा थोपे गए युद्ध का नतीजा है। इस विवाद के कारण यहां से होने वाला कमर्शियल शिपिंग 90% तक गिर गया है, जिससे दुनिया भर में तेल और सप्लाई चेन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
क्या है ईरान का नया नियम और जहाजों के लिए आदेश?
ईरान ने ऐलान किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता खुला है, लेकिन अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों से जुड़े किसी भी जहाज को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी। ईरान ने रेडियो वार्निंग के जरिए साफ कर दिया है कि वह इन देशों के जहाजों को अपना दुश्मन मानता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान इस जलमार्ग का रक्षक है, लेकिन बढ़ते सैन्य हमलों के कारण सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जो कमर्शियल जहाज अमेरिका या इजराइल से नहीं जुड़े हैं, उन्हें भी सुरक्षित गुजरने के लिए पहले ईरानी अधिकारियों के साथ सीधा तालमेल करना होगा। ईरान ने साफ किया है कि जब तक हमलों को रोकने की गारंटी और नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक यह कड़ाई जारी रहेगी।
दुनियाभर में मंडराया ऊर्जा संकट और मिलिट्री एक्शन
इस युद्ध का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने इतिहास में पहली बार इमरजेंसी के तौर पर 412 मिलियन बैरल तेल रिजर्व से जारी करने का फैसला लिया है, ताकि सप्लाई चेन को पूरी तरह से ठप होने से बचाया जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूके जैसे देशों से अपील की है कि वे अपने तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना एस्कॉर्ट भेजें। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि यह युद्ध कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा और इसके बाद तेल के दाम तेजी से गिरेंगे। हालांकि, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) ने चेतावनी दी है कि युद्धपोतों की निगरानी भी मौजूदा हालात में जहाजों की 100% सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 और उड़ानों पर असर
इस संघर्ष का असर अब खेलों और आम आदमी की हवाई यात्राओं पर भी दिखने लगा है। ईरानी अधिकारियों ने 2026 FIFA World Cup को लेकर अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस वर्ल्ड कप में ईरान की टीम को लॉस एंजिल्स और सिएटल में मैच खेलने हैं, जिसे लेकर अभी से चिंता जाहिर की जा रही है।
इसके अलावा, एविएशन सेक्टर से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस संघर्ष के कारण ग्लोबल फ्लाइट्स में जो रुकावटें आ रही हैं, वह इस पूरे साल बनी रह सकती हैं। मिडिल ईस्ट के ऊपर से गुजरने वाले हवाई रास्तों में बदलाव के कारण गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम यात्रियों को लंबी यात्रा और महंगे टिकटों की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।




