UAE Labour Rules: यूएई में काम करने वालों के लिए बड़ी खबर, वेतन और सुरक्षा को लेकर कंपनियों पर बढ़ा सरकार का शिकंजा
UAE सरकार ने 2025 के लिए अपने labour market के नए आंकड़े जारी कर दिए हैं। WAM की रिपोर्ट के अनुसार, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही कंपनियों द्वारा लेबर नियमों के पालन में भी 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का मुख्य मकसद कामगारों के अधिकारों की रक्षा करना और काम करने के माहौल को बेहतर बनाना है। इससे भारत सहित अन्य देशों से आने वाले प्रवासियों को काफी फायदा मिल रहा है।
क्या कहते हैं 2025 के नए आंकड़े
यूएई के प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। MoHRE (Ministry of Human Resources and Emiratisation) और अन्य सरकारी विभागों द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि 2024 के मुकाबले 2025 में वर्कफोर्स बढ़ा है। सरकार ने एक इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क तैयार किया है जिससे लेबर मार्केट में काफी सुधार हुआ है।
- प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की कुल संख्या में 12.4% की बढ़ोतरी हुई है।
- निजी क्षेत्र की नई कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में 7.8% का इजाफा हुआ है।
- नियमों का पालन करने और कायदे-कानून मानने वाली कंपनियों का आंकड़ा 34% ऊपर गया है।
- Wage Protection System (WPS) के कारण कर्मचारियों को उनकी सैलरी समय पर मिल रही है।
श्रमिकों की सुरक्षा और जुर्माने का नियम
प्रवासियों और कामगारों की सुरक्षा के लिए यूएई सरकार कई कड़े कदम उठा रही है। Unemployment Insurance Scheme के तहत अब हर कर्मचारी के लिए बीमा अनिवार्य किया गया है। अगर किसी की नौकरी चली जाती है, तो यह बीमा तीन महीने तक आर्थिक मदद मुहैया कराता है। इसके साथ ही विवादों को सुलझाने के लिए डिजिटल सिस्टम और AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अगर कोई भी कंपनी WPS या बेरोजगारी बीमा के नियमों का उल्लंघन करती है, तो सरकार की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसी स्थिति में 200 दिरहम से लेकर 50,000 दिरहम तक का भारी जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा एंड-ऑफ़-सर्विस बेनिफिट और वर्कर्स प्रोटेक्शन प्रोग्राम जैसे नियम भी सख्ती से लागू किए जा रहे हैं।




