इजराइल ने ईरान पर किया बड़ा हमला, अगले 6 हफ़्तों तक चलेगी कार्रवाई की योजना
सऊदी न्यूज (@SaudiNews50) और इजराइली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल ने ईरान पर बड़े हमले किए हैं. एक इजराइली अधिकारी ने बताया कि अगले छह हफ़्तों के भीतर ईरान में कई लक्ष्यों पर हमले की योजना है. इजराइली रक्षा बल (IDF) ने भी अपने अभियान की पुष्टि की है. इस कार्रवाई में ईरान के कई अहम अधिकारियों के मारे जाने की भी खबर है.
हाल के बड़े घटनाक्रम क्या हैं?
- 17 मार्च को इजराइल ने ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों, अली लारीजानी (सुरक्षा प्रमुख) और घोलामरेजा सुलेमानी (बसीज बल के प्रमुख), को तेहरान में रात भर चले हवाई हमलों में मार गिराने का दावा किया है.
- IDF ने तेहरान, तबरीज और इस्फ़हान जैसे शहरों में IRGC के अड्डों और मिसाइल इकाइयों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए.
- जवाब में, ईरान ने तेल अवीव और रिशोन लेज़ियन की ओर मिसाइलें दागीं.
- 17 मार्च को UAE ने ईरान से दागी गईं 10 बैलिस्टिक मिसाइलों और 45 ड्रोनों को रोका. खतरों के जवाब में UAE ने कुछ समय के लिए अपनी हवाई सीमाएं भी बंद कर दी थीं.
इजराइल की आगे की योजनाएं क्या हैं?
- इजराइली अधिकारियों ने बताया है कि अगले छह हफ्ते ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक क्षमताओं को कम करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं.
- IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफ़्फ़ी डेफ़ेरीन ने कहा कि सेना का कोई तय ‘शेड्यूल’ नहीं है, लेकिन ईरान के शासन की शक्ति को गंभीर रूप से कमजोर करने का लक्ष्य है. उन्होंने यह भी कहा कि ‘हजारों लक्ष्य’ अभी भी बचे हैं.
- लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने रिपोर्ट किया है कि IDF ने ईरान के साथ युद्ध के लिए अगले तीन हफ्तों की विस्तृत ऑपरेशनल योजनाएं तैयार की हैं, साथ ही इससे आगे के लिए अतिरिक्त योजनाएं भी हैं.
- संयुक्त राज्य अमेरिका इस अभियान में इजराइल के साथ समन्वय कर रहा है.
खाड़ी और आम लोगों पर क्या असर है?
- ईरान के जवाबी मिसाइल हमलों के बाद इजराइल के कुछ क्षेत्रों में स्कूलों और गैर-जरूरी कार्यस्थलों पर प्रतिबंधात्मक दिशानिर्देश अभी भी लागू हैं.
- IDF ने उत्तरी सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है, ताकि हिज़्बुल्लाह से अपने क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सके, जो अब इस संघर्ष में पूरी तरह शामिल हो गया है.
- UAE में मिसाइल हमलों के कारण हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे खाड़ी क्षेत्र से यात्रा करने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा होगा.




