UAE सरकार का सख्त एक्शन, मिसाइल हमले का वीडियो शेयर करने पर 2 प्रवासी गिरफ्तार, जानिए क्या है सजा
अबू धाबी में फिलीपींस दूतावास ने इस बात की पुष्टि की है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मिसाइल हमलों का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में दो प्रवासी कामगारों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई यूएई के सख्त साइबर अपराध कानून के तहत की गई है। दूतावास ने अपने नागरिकों और सभी प्रवासियों को देश के सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है।
क्या है पूरा मामला और नियम
यूएई पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने हाल ही में मिसाइल हमलों और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े वीडियो शेयर करने के मामले में 25 लोगों को जांच के दायरे में लिया है, जिनमें अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल हैं। फिलीपींस के राजदूत अल्फोंसो वेर ने 16 मार्च को बताया कि दूतावास के वकील गिरफ्तार कामगारों को कानूनी मदद दे रहे हैं और उनसे मिलने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने कहा है कि ऐसी सामग्री प्रकाशित करना राष्ट्रीय रक्षा उपायों को नुकसान पहुंचाता है और इससे लोगों में घबराहट फैलती है।
वीडियो शेयर करने पर क्या है सजा
यूएई के साइबर अपराध कानून के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी या फुटेज शेयर करना एक गंभीर अपराध है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने फर्जी सुरक्षा वीडियो शेयर करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाती है।
- सजा: कम से कम 2 साल की जेल का प्रावधान है।
- जुर्माना: 20,000 दिरहम से लेकर 200,000 दिरहम तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
- डिपोर्टेशन: सजा पूरी होने के बाद विदेशी नागरिकों को अनिवार्य रूप से देश से निकाल दिया जाएगा।
यूएई में रहने वाले सभी भारतीय और अन्य प्रवासियों को यह समझना जरूरी है कि वे किसी भी सुरक्षा घटना, मिसाइल इंटरसेप्शन या सेना से जुड़ी कोई भी तस्वीर या वीडियो इंटरनेट पर शेयर न करें। केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों की जानकारी पर ही भरोसा करें।




