Iran Strait of Hormuz: ईरान का बड़ा ऐलान, होर्मुज जलडमरूमध्य को बताया बंद, 20 प्रतिशत तेल व्यापार पर पड़ेगा असर
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने 17 मार्च 2026 को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेगा। स्टेट टीवी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि यह जलमार्ग अब पहले की तरह काम नहीं कर रहा है और व्यावहारिक रूप से इसे बंद कर दिया गया है। इस घोषणा के बाद दुनिया भर में तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
ईरान ने यह कदम क्यों उठाया
गालिबाफ ने अपने बयान में अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब विरोधी देश मिसाइलें दाग रहे हैं और लगातार हमले कर रहे हैं, तो ऐसे में कार्रवाई करना ईरान का पूरा अधिकार है। इसी वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते को लेकर ईरान ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। जानकारी के मुताबिक अब केवल ईरान के मित्र देशों के जहाजों को ही यहां से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिल रही है और अन्य जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है।
दुनिया के व्यापार पर इसका क्या असर होगा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है। ग्लोबल मार्केट का करीब 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस रास्ते के प्रभावित होने से तेल की सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ सकता है। हाल ही में फुजैरा पोर्ट के पास भी एक जहाज पर हमले की खबर सामने आई थी। स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने इस इलाके में अपनी गश्त बढ़ा दी है और USS Tripoli को 5,000 मरीन सैनिकों के साथ तैनात किया है।
आगे की स्थिति क्या है
फिलहाल ईरान की तरफ से किसी नए नियम या टैक्स को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही इस तनातनी का सीधा असर उन कमर्शियल जहाजों पर पड़ रहा है जो इस इलाके से अपनी यात्रा करते हैं। आगे यह देखना अहम होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस जलमार्ग को सुरक्षित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।




